स्वामी शिवानंद के शिष्य आत्मबोधानंद एम्स में भर्ती
-- तबीयत खराब होने पर देहरादून से पुलिस लेकर आई एम्स
-- संस्थान में आत्मबोधानंद से मिलने पहुंचे स्वामी शिवानंद
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। गंगा में खनन खोलने के विरोध में हरिद्वार स्थित मातृ सदन आश्रम में आमरण अनशन करने वाले ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को शनिवार को देहरादून अस्पताल से तबीयत खराब होने पर एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया। दून अस्पताल के चिकित्सकों की टीम और पुलिस उन्हें एम्स लेकर पहुंची। इस दौरान डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य की जांच की। तहसीलदार के मुताबिक डॉक्टरों ने फिलहाल आत्मबोधानंद की स्थिति खतरे से बाहर बताई है।
शनिवार अपराह्न करीब तीन बजे देहरादून जिला अस्पताल की टीम और पुलिसकर्मियों ने मातृ सदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को एम्स में भर्ती कराया। संस्थान के चिकित्सकों ने आत्मबोधानंद का स्वास्थ्य परीक्षण किया। तहसीलदार रेखा आर्य ने बताया कि संस्थान के डाक्टरों ने जांच के बाद आत्मबोधानंद की सेहत को खतरे से बाहर बताया है। हालांकि, आमरण-अनशन से उनकी हालात में अभी सुधार नहीं आया है। लिहाजा, उन्हें संस्थान में रखा गया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षण प्रवीण चंद कोश्यारी भी पुलिसकर्मियों के साथ एम्स पहुंच गए। इसके बाद मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती भी एम्स में ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद से मिलने के लिए पहुंचे। उन्होंने अनशनकारी ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।
30 अक्टूबर से अनशनरत हैं आत्मबोधानंद
ऋषिकेश। मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती के शिष्य ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद बीते 30 अक्टूबर से आश्रम में ही गंगा में खनन खोलने के विरोध और स्टोन क्रेशरों को बंद करने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे थे। हरिद्वार प्रशासन से कई बार की वार्ता के बावजूद उन्होंने अनशन नहीं त्यागा। बीते बृहस्पतिवार को प्रशासन ने फिर से आत्मबोधानंद से वार्ता कर उनसे आमरण-अनशन त्यागने का आग्रह किया, लेकिन उनके इनकार करने पर प्रशासन की टीम आत्मबोधानंद को उठा ले गई। जिसके बाद उन्हें देहरादून अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सीएम और डीएम से बताया जान का खतरा
ऋषिकेश। गंगा में अवैध खनन के खिलाफ और स्टोन क्रेशरों को बंद करने की मांग को लेकर पिछले 41 दिन से अनशनरत ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने एम्स में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री और हरिद्वार के डीएम समेत खनन माफियाओं से अपनी जान को खतरा बताया। कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वह पीछे नहीं हटेंगे।