हरिद्वार। मूसलाधार बारिश से गंगनगर में आये उफान से शहर में जलभराव का संकट गहरा गया। कई हिस्सों में जलभराव का संकट गहराया गया। कनखल और उत्तरी हरिद्वार की कई कालोनियों में घरों के भीतर कई फीट पानी भर गया। घरों में पानी भरने से क्षेत्रवासी बार बार अधिकारियों से गंगनहर में पानी कम करने की गुहार लगाते रहे। आखिर जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद गंगनहर में पानी कम कराया गया, तो लोगों ने राहत की सांस ली।
शुक्रवार को दोपहर तीन बजे एक घंटा लगातार हुई बारिश ने जिला प्रशासन के जलभराव को लेकर किये दावों की पोल खोल दी है। मध्य हरिद्वार क्षेत्र में रानीपुर मोड, गोविंदपुरी, आवास विकास समेत अन्य क्षेत्रों में भी दो से ढाई फुट तक पानी था। भगत सिंह चौक पर रेलवे पुलिया के नीचे निर्माण कार्य के चलते भारी जलभराव हो गया, जिससे शहर का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। भगत सिंह चौक के साथ ही टिबड़ी फाटक, रानीपुर मोड़ पर भी यातायात बाधित रहा। सबसे अधिक परेशानी कनखल की कृष्णा नगर कालोनी और सर्वप्रिय विहार के लोगों को झेलनी पड़ी जहां गंगनहर के रजवाहे में अधिक पानी आने से वह ओवरफ्लो हो गया और लोगों के घरों में कीचड़ समेत पानी घुस आया। लॉटोवाली, हनुमानगढ़ी, गणेशपुरम, संदेश नगर आदि में भी जगह जगह जलभराव की स्थिति रही। खड़खड़ी भूपतवाला रामगढ़ नई बस्ती में जलभराव होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। प्रभावित लोगों ने आपदा प्रबंधन के कंट्रोल रूम में बार बार फोन कर मदद की गुहार लगाई।
उफनती गंगा से सहमे लोग
श्यामपुर। पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा नदी में पानी बड़ने के श्यामपुर क्षेत्र के गंगा किनारे पड़ने वाले गांव के लोगों के दिल की धड़कने बढ़ा दी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन ने गांव को बचाने के लिए क्षतिग्रस्त वायर क्रेट तटबंध सही नहीं करवाये, जिससे ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा सता रहा है। एकागडी गांव ग्राम प्रधान राजेश कुमार, ग्रामीण फकीरचंद, अशोक कुमार, सुनील पाल, सोमपाल और ओम प्रकाश का कहना है कि कांगड़ी गांव बाढ़ आने के मामले में सबसे संवेदनशील गांव माना जाता है। वर्ष 2013 में आई आपदा मैं भी गांव को काफी भूमि का कटाव हुआ था, लेकिन तटबंध ठीक नहीं करवाए गए। पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश पड़ने के कारण गंगा नदी में पानी ज्यादा होने के कारण गांव से सटकर चल रहा है एकागडी के गांव के पास कटाव होना चालू हो गया है।