ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
बचपन की दोस्ती इतनी गहरी है कि जब 10वीं का रिजल्ट आया तो दोनों दोस्त टॉपर बन गई। हम बात कर रहे हैं इस साल 10वीं में प्रदेश में टॉप करने वाली भव्या मदान और ईशान्वी मोहन की। दोनों ने कक्षा दो से आज तक की पढ़ाई एक साथ की है। हालांकि 12वीं के बाद दोनों ने अलग-अलग रास्ते चुनने का सपना देखा है।
आईसीएसई के नतीजों में ब्राइटलैंड स्कूल की भव्या मदान और ईशान्वी मोहन ने 98.25 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में टॉप किया। ईशान्वी और भव्या की दोस्ती बचपन की है। उन्होंने बताया कि जब वह कक्षा दो में ब्राइटलैंड स्कूल में आई थी तो तब से ही उनकी दोस्ती हो गई थी। दोस्ती इतनी पक्की कि हर साल दोनों लगभग एक जैसे अंक हासिल करती हैं। दोनों ही अपने विषय को लेकर आपस में बातचीत करतीं हैं। इस साल जब 10वीं का रिजल्ट आया तो ईशान्वी ने भी 98.25 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं जबकि भव्या ने भी 98.25 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। दोनों ने अंग्रेजी में एक जैसे 92-92 अंक पाए। इसी प्रकार कंप्यूटर में भी दोनों ने एक साथ शतक लगाया है। सोमवार को रिजल्ट आया तो दोनों ने दोस्ताना अंदाज में एक दूसरे को बधाई दी। ईशान्वी के पिता डॉ. धनंजय मोहन वन विभाग में अपर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक हैं जबकि मां नीलम मोहन गृहिणी हैं। भव्या के पिता डॉ. विनीत कुमार एफआरआई में वैज्ञानिक हैं जबकि मां डॉ. रागिनी मदान ब्राइटलैंड स्कूल में शिक्षिका हैं।
........................
12वीं के बाद जुदा रास्ते
अभी दोनों दोस्तों ने 10वीं पास की है। 12वीं के लिए दोनों के रास्ते जुदा हो जाएंगे लेकिन उनका कहना है कि दोस्ती नहीं टूटेगी। भव्या 12वीं के बाद डॉक्टर बनना चाहती है जबकि ईशान्वी 12वीं के बाद इंजीनियर बनना चाहती है। उनका कहना है कि अभी दो साल वह साथ-साथ एक ही स्कूल में पढ़ेंगे।
.................
भव्या का रिपोर्ट कार्ड
इंगलिश : 92
हिंदी : 98
हिस्ट्री ज्योग्राफी : 100
मैथ्स : 100
साइंस : 99
कंप्यूटर : 100
....................
ईशान्वी का रिपोर्ट कार्ड
इंगलिश : 92
हिंदी : 96
हिस्ट्री ज्योग्राफी : 99
मैथ्स : 100
साइंस : 100
कंप्यूटर : 100