टेक्नोलॉजी को नियंत्रण में रखे इंसान
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
उत्तरांचल विश्वविद्यालय में यूआईटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का शनिवार को समापन हो गया। एडवांस इन कंप्यूटिंग एंड डाटा साइंसेज कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन एस्टोनिया, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल, पोलैंड, स्वीडन, बांग्लादेश, पाकिस्तान आदि से पहुंचे शोधकर्ताओं ने अपने शोध-पत्रों पर व्याख्यान दिया।
इस दौरान माझमा यूनिवर्सिटी, सऊदी अरब के प्रो. डॉ. एसके मिश्रा ने एडवांस नेटवर्क आर्किटेक्चर एंड मोबाइल कंप्यूटिंग के साथ ही डिजाइनिंग ऑफ मल्टीपल एक्सेस प्रोटोकॉल पर व्याख्यान दिया। यूनिवर्सिटी ऑफ क्वाजल नटाल साउथ अफ्रीका के प्रो. डा. वीएम श्रीवास्तव ने मोबाइल टेक्नोलॉजी एवं मेमोरी डिवाइस संबंधी शोध पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने शोधार्थियों को मोबाइल क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों के बारे में भी बताया।
एनआईटी कुरुक्षेत्र के डीन रिसर्च प्रो. (डॉ.) ब्रह्मजीत सिंह ने कहा कि इंसान को चाहिए कि वह टेक्नोलॉजी पर नियंत्रण रखे, अन्यथा बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के प्रो. डॉ. लिंग टोक वांग ने बिग डाटा में रिडंडेसी के बारे में शोधकर्ताओं को जानकारी दी। दिल्ली से आए प्रो. डॉ. अरुण शर्मा ने बिग डाटा एवं क्लाउड कंप्यूटिंग से संबंधित तकनीकी तथ्यों और नवीन शोधों पर विचार व्यक्त किए। यूएसए, यूके, स्वीडन, पुर्तगाल, आदि से भेजे गए 109 शोध पत्रों को कॉन्फ्रेंस में शामिल किया गया। वहीं, आईआईटी से 5, एनआईटी से 7, केंद्रीय विवि से 21 तथा विभिन्न कंपनियों की ओर से 16 शोधपत्र मिले।
विवि के कुलपति प्रो. (डॉ.) एनके जोशी ने कहा कि शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए यह आयोजन किया गया। इस दौरान कुलाधिपति जितेंद्र जोशी, कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज दिवाकर, डॉ. मयंक सिंह, तरुण कुमार, पुनीत शर्मा, अरविंद सिंह रावत, सुधीर जुगरान आदि मौजूद रहे।