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फोटो साहित्यकार भगवती प्रसाद नौटियाल का निधन फेफडे़ की बीमारी के चलते पिछले दस

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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साहित्यकार एवं समीक्षक भगवती प्रसाद नौटियाल (87) का सोमवार को निधन हो गया। वे फेफड़े की बीमारी के चलते वे बीते 10 दिनों से हरिद्वार रोड़ स्थित एक अस्पताल में भर्ती थे। अंतिम दर्शनों के लिए मंगलवार को शरीर उनके आवास हिमाद्रि एवेन्यू लेन नंबर-6 जोगीवाला में रखा जाएगा।
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पौड़ी जिले के ग्राम गौरीकोट में जन्मे भगवती प्रसाद हिंदी के प्रसिद्ध अध्येता एवं समीक्षक थे। गढ़वाली साहित्य पर भी उनके द्वारा सैकड़ों अनुसंधानिक लेख, समीक्षाएं व भूमिकाएं लिखी गई हैं। वे अखिल गढ़वाल सभा द्वारा प्रकाशित त्रिभाषीय गढ़वाली-हिंदी-अंग्रेजी शब्दकोष के संपादक और अखिल गढ़वाल सभा के सम्मानित सदस्य भी रहे। उनकी मुख्य कृतियों में हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियां और दिवंगत प्रमुख पत्रकार, मध्य हिमालय भाषा संस्कृति साहित्य एवं लोक साहित्य, संक्षिप्त लोकोक्ति कोष, गढ़वाली, कुमाऊंनी हिंदी एवं अंग्रेजी के समानार्थक आदि हैं। साहित्य सेवा के लिए उन्हें कई सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं ने सम्मानित भी किया। साहित्यकार नौटियाल के निधन पर गढ़वाल सभा के अध्यक्ष रोशन धस्माना, संगठन सचिव अजय जोशी, सांस्कृतिक सचिव उदय शंकर भट्ट, प्रवक्ता गजेंद्र भंडारी, हेमंत जुयाल, वीरेंद्र असवाल, सूर्यप्रकाश, संतोष गैरोला आदि ने शोक जताया है।
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