डीएवी में हुआ वरिष्ठ छात्र नेताओं का सम्मान
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
डीएवी पीजी कॉलेज में मंगलवार को आयोजित छात्रसंघ सम्मान समारोह के दौरान छात्र राजनीति में लंबे समय से सक्रिय छात्र नेताओं को सम्मानित किया गया। समारोह में खास बात यह रही कि सभी संगठनों के वरिष्ठ नेताओं को एक मंच पर सम्मानित किया गया। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई छात्रों को भी सम्मानित किया गया।
डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ सम्मान समारोह का शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और भाजपा के प्रदेश सचिव सुनील उनियाल गामा ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर एबीवीपी, एनएसयूआई, आर्यन, सत्यम शिवम, विकास ग्रुप आदि संगठनों के वरिष्ठ छात्र नेताओं को प्रशस्ति पत्र दिए गए। पूर्व सीएम हरीश रावत ने सभी छात्र नेताओं को भविष्य की मुख्यधारा की राजनीति के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं सुनील उनियाल गामा ने कहा कि कॉलेज के कई प्रतिभाशाली छात्र आज देश-विदेश में नाम रोशन कर रहे हैं। समारोह में छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सिमल्टी, महासचिव आकाश गौड़, उपाध्यक्ष हिमांशु नेगी, सहसचिव आयुषी सेमवाल, कोषाध्यक्ष अजय कुमार, छात्रा प्रतिनिधि प्रियंका कन्याल, विपिन पंत, विकास नेगी आदि मौजूद रहे।
इनका हुआ सम्मान
आदित्य चौहान, जावेद खान, गौतम सिंह, कुलदीप कुमार, ओम कक्कड़, मोहित शर्मा, विनीत भट्ट, मनीष रावत, सतीश पंत, राजीव पुंडीर, राहुल नेगी, कपिल कुमार, अनिल रावत, विक्रम सिंह नेगी, मनीष बिष्ट, प्रकाश नेगी, भगत रावत, सुनील नौटियाल, पराग भट्ट, अनिल तोमरए, अंकुश, भगवती प्रसाद, आशीष रावत, सिद्धार्थ रावत, जगवीर असवाल, लवली, सचिन और राहुल। इसके अलावा कॉलेज के एनसीसी सहित विभिन्न खेलकूद व अन्य गतिविधियों में प्रतिभाग करने वाले छात्र विकास खत्री, हिमांशु नौटियाल, सौरभ सिंह, विपुल, आयुषी, शुभम डोबरियाल, पारुल गुप्ता को भी पुरस्कृत किया गया।
जेएनयू से सीखें डीएवी के छात्र : हरीश रावत
समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जिस तरह से जेएनयू दिल्ली के छात्र देश-विदेश के मुद्दों में दिलचस्पी रखते हैं। डीएवी के छात्रों को भी वैसा ही दिलचस्प बनना चाहिए। हालांकि जेएनयू का उदाहरण सुनकर एबीवीपी के नेता असहज नजर आए। इस दौरान उन्होंने बंगलुरु और दिल्ली स्थित सेंट स्टीफ न कॉलेज से भी प्रेरणा लेने की बात कही। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने छात्र राजनीति के बहाने केंद्र सरकार पर तंज भी कसे। उन्होंने कहा कि डीएवी कॉलेज छात्र संगठन लोकतांत्रिक प्रणाली का नायाब उदाहरण है। यहां अध्यक्ष एबीवीपी से हैं तो महासचिव आर्यन छात्र संगठन से। लोकतंत्र में पक्ष-विपक्ष बराबर शक्तिशाली होने चाहिए। अन्यथा सत्ता निरंकुश हो जाती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भी प्रशंसा की और कहा कि जब विश्व आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा था, तब मनमोहन सिंह ने पूरे विश्व को आर्थिक सुधारों का रास्ता दिखाया।