ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एमडीडीए के भवन मानचित्र स्वीकृति एवं मॉनीटरिंग डैश बोर्ड साफ्टवेयर और रेरा की वेबसाइट पोर्टल का लोकार्पण कर सेवाओं का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक से सरकारी विभागों में जितनी खिड़कियां कम होंगी जनता को उतना ही फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने ट्रांसपोर्ट नगर की सड़कों, नालियों और सीवर लाइन के पुनर्निर्माण कार्यों का भी शिलान्यास किया। सड़कों और नालियों का पुनर्निर्माण कार्य एमडीडीए दो चरणों में करेगा। इसकी लागत पांच करोड़ 42 लाख रुपये होगी। उन्होंने ट्रांसपोर्टर नगर क्षेत्र को व्यवस्थित बनाने के लिए उसे नगर निगम के अधीन करने की घोषणा की।
ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में बुधवार को आयोजित शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार की मंशा सचिवालय से लेकर हर सरकारी कार्यालय को आधुनिक तकनीक से जोड़कर डिजिटल भारत के सपने को साकार करना है। राज्य इस दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। एमडीडीए के आनलाइन भवन मानचित्र स्वीकृति एवं मॉनीटरिंग डैश बोर्ड शुरू होने से लोगों को राहत मिलेगी। इससे लोगों का समय बचेगा और कार्य में पारदर्शिता आने के साथ अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने कहा कि सिस्टम में सुधार होने से सब ठीक हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों का जिक्र करते हुए कहा कि डाक्टरों और नर्सों की बेहद कमी है। डेढ़ महीने में डाक्टरों की कमी दूर हो जाएगी। 700 नर्सों की भी जल्द भर्ती होगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी की मदद से पौड़ी के जिला अस्पताल से टेली रेडियोलॉजिस्ट सेवा शुरू की गई। दूर दराज के 26 अस्पतालों में भी टेली मेडिसन सेवा का लाभ दिया जा रहा है।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि मेरठ जैसे शहर की सड़कों का चौड़ीकरण हो सकता है तो देहरादून की सड़कों का भी संभव है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी में सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि शहर को व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार के साथ आम जनता का सहयोग जरूरी है। विधायक विनोद चमोली ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर में व्यवस्थित करने के लिए मेकेनिकों को शेड आवंटित किए जाए। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत और सचिव पीसी दुम्का ने संचालन किया। इस दौरान विनय गोयल, उमेश अग्रवाल, राजेश कम्बोज, अनंत सागर, महेश पांडे, रतन चौहान समेत कई लोग मौजूद थे।
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दून को पिलाएंगे नेचुरल स्रोतों का पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून की पेयजल की व्यवस्था ट्यूबवेलों पर निर्भर हो गई है। शहरी के विस्तारीकरण से भूमिगत रिचार्ज कम हो गया है। शहर की पेयजल व्यवस्था के लिए दूरगामी योजना बनाई गई है। एक हजार करोड़ की इस योजना में रिस्पना और बिंदाल को पुनर्जीवित किया जा रहा है। आगामी पांच साल में इसका फायदा मिलेगा।
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ये होंगे पुनर्निर्माण कार्य
पहले फेज में तीन किमी की सड़क और नाली का पुनर्निर्माण : 245 लाख
दूसरे फेज में एक किमी की सड़क और नाली का पुनर्निर्माण : 155 लाख
सीवर लाइन का निर्माण : 142 लाख
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भवन मानचित्र स्वीकृति एवं मॉनीटरिंग डैश बोर्ड साफ्टवेयर से सुविधाएं
सभी देयकों का ऑनलाइन भुगतान
भवन मानचित्र कर कंप्यूटर खुद ही जांच करेगा
स्वीकृत मानचित्र एवं प्रपत्र पर डिजिटल हस्ताक्षर
स्थलीय निरीक्षण और एनओसी का निदान
पत्रावलियों के लिए समयसीमा निर्धारित
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रेरा का वेब पोर्टल
एक मई 2017 से उत्तराखंड में रेरा अधिनियम लागू है। इसमें रियल स्टेट की परियोजनाओं एवं एजेंट पंजीकरण किया जाना है। घर खरीदने वालों की समस्याएं और शिकायतों का भी समाधान होना है। पोर्टल के माध्यम से बिल्डर और एजेंट परियोजनाओं का पंजीकरण और आवेदक शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
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सीएम का जताया आभार
देहरादून। ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने ट्रांसपोर्ट नगर की सड़क, नालियों के पुनर्निर्माण कार्य के शिलान्यास और ट्रांसपोर्ट नगर को नगर निगम के अधीन करने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और विधायक विनोद चमोली का आभार जताया है। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर की समस्याओं को उनकी एसोसिएशन ने प्रमुखता से उठाया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान उनके प्रतिष्ठानों पर तोड़फोड़ भी की गई। एसोसिएशन के संघर्षों का मुख्यमंत्री, मंत्री और मेयर ने अपने संबोधन में भी जिक्र किया। एसोसिएशन के संरक्षक उमेश आहूवालिया, अध्यक्ष शिवचरण शर्मा, उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, सचिव शिवकुमार गुप्ता, उप सचिव राजेश अग्रवाल, लवकुश चौधरी आदि