साइबर क्रिमनल्स का कहर :
97 के बाद मुकदमों पर ‘ब्रेक’
खाते से रकम उड़ाने की शिकायताें का सिलसिला जारी, 120 तक पहुंचीं शिकायतों की संख्या
पीड़ितों को बैंक प्रबंधकाें के पास भेज रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
दून से एटीएम का डाटा चुराकर डुप्लीकेट कार्ड के जरिये जयपुर और दिल्ली से रकम निकालने के मामले में अब एफआईआर दर्ज करने पर ‘ब्रेक’ लग गया है। शहर के थानों में शिकायतों का आंकड़ा 120 तक पहुंच गया है। अब तक दर्ज हुई 97 एफआईआर पुलिस से संभल नहीं रही हैं। ऐसे में पुलिस शिकायतकर्ताओं को रकम पाने के लिए सीधे बैंकों का रास्ता दिखा रही है। पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को बैंक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस मामले के मुकदमों पर ‘ब्रेक’ पर सहमति बन गई थी।
डुप्लीकेट एटीएम कार्ड के जरिये रकम निकालने के साइबर थाने के अलावा शहर के थाना नेहरू कॉलोनी, रायपुर, डालनवाला व पटेलनगर में 97 के मुकदमे दर्ज किए गए। इसके बाद भी शिकायतों का सिलसिला जारी रहा है। इतनी अधिक संख्या में मुकदमे दर्ज होने के कारण विवेचना को अतिरिक्त इंस्पेक्टर लगाने पड़े हैं।
आईटी एक्ट से संबंधित होने के कारण इसकी विवेचना इंस्पेक्टर स्तर का अधिकारी ही कर सकता है। यही वजह है कि आरोपियों का नाम दर्ज करने में पुलिस को तीन दिन का वक्त लग गया। जेल भेजी गई रामबीर की प्रेमिका अनिल कुमारी का नाम केवल 27 मामलों में ही दर्ज हो सका है।
पुलिस सूत्रों की माने तो करीब 13 शिकायतें नेहरू कॉलोनी थाने में आईं हैं। इसके अलावा अन्य थानों में शिकायतें आईं हैं, मगर अब पुलिस ने मुकदमे दर्ज करने के बजाए उन्हें विवेचना में शामिल करना शुरू कर दिया। पीड़ितों को संबंधित बैंक प्रबंधकाें के पास भेजा गया है।
खातों से रकम निकालने की शिकायतों का आंकड़ा बढ़ा है। बैंक भी अब सीधे शिकायत का संज्ञान ले रहे हैं। बैंक अधिकारियों से इस बारे में बात हो चुकी है। शिकायतों को विवेचना में शामिल करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है।
- निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक