हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर नौ अगस्त से जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों का कहना है कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले किसानों से वादा किया था कि उनकी सरकार बनने के बाद स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा। तीन साल बाद भी आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं करने पर किसानों ने चिंता जताई।
भीमगोड़ा बैराज के पास लालकोठी पर आयोजित किसान यूनियन के दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के पहले दिन राष्ट्रीय महामंत्री चौधरी बलजोर सिंह और जिला अध्यक्ष रामपाल सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने हरिद्वार जनपद में सिंचाई और बिजली की बढ़ी हुई दरें को वापस नहीं लिया तो नौ अगस्त से जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही किसानों ने मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रदेश में किसानों के कर्ज माफ किए जाने, चीनी मील का पिराई सत्र शुरू होने से पहले गन्ने का मूल्य घोषित करने और चकबंदी में हो रहे भ्रष्टाचार को समाप्त किए जाने की मांग की है। चौधरी बलजोर सिंह ने बताया कि देश के विकास के लिए किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होनी जरूरी है। यूनियन के प्रवक्ता राकेश लौहान और संयोजक पवन प्रधान ने की विचार रखा।
साथ ही प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में किसान यूनियन ने बताया कि 2014 में लोक सभा चुनाव के दौरान वादा किया गया था कि यदि देश में भाजपा की सरकार बनती है, तो किसानों के हित में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर दी जाएगी। जो कि आज तक लागू नहीं की गई। पत्र में किसानों ने पंजाब और हरियाणा की भांति उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में खेती के लिए बिजली फ्री में देने और अन्य सुविधाओं पर सब्सिडी की मांग की है। इस मौके पर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुमन सिंह आर्य, मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार, जिला महामंत्री विरेंद्र सिंह, उपेंद्र प्रधान, हरपाल सिंह, स्वराज प्रधान, गौरव प्रधान, राजपाल सिंह, महावीर राठी, मांगेराम, अशोक कुमार, रविंद्र सिंह, दुष्यंत, सुरेंद्र राठी आदि किसान मौजूद थे।