अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। भारत साधु समाज के उपाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि हरकी पैड़ी पर तमाम राजनीतिक गतिविधियां बंद की जाएं। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में भारत साधु समाज की उस बैठक का भी हवाला दिया गया, जो इस संबंध में मंगलवार को जयराम आश्रम में हुई।
ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी और धीरेंद्र प्रताप की इस मांग को धर्मक्षेत्र में आश्चर्य के साथ देखा जा रहा है। गौरतलब है कि पिछली कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ही हरकी पैड़ी पर बहने वाली मां गंगा को निजी स्वार्थों के चलते नहर घोषित किया था। हरीश रावत ने प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद हाल ही में हरकी पैड़ी आकर एक महीने में दो बार उपवास रखे और बयान देने वाले धीरेंद्र प्रताप ने भी हरकी पैड़ी पर दिन भर का धरना दिया। यही नहीं उत्तराखंड का चुनाव जीतने के बाद हरीश रावत पूरा मंत्रीमंडल लेकर गंगा पूजन करने हर की पैड़ी आए थे। याद रहे कि इससे पूर्व वर्ष 2010 के कुंभ में डा. रमेश पोखरियाल निशंक की भाजपा की सरकार हर की पैड़ी पर पूरे कैबिनेट की एक बैठक करा चुकी है। हरिद्वार मेें कांग्रेस हो या भाजपा, बात-बात पर हर की पैड़ी जाकर राजनीतकि दुग्धाभिषेक करना नेताओं का एक शगल बन गया है। संयोग यह भी है कि कांग्रेस के जितने भी प्रदर्शन हर की पैड़ी पर हुए हैं, हरिद्वार से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले ब्रह्मस्वरूप और उनसे पहले लड़ने वाले भारत साधु समाज के प्रवक्ता स्वामी ऋषिश्वरानंद उन सभी में भाग लेते आए हैं।
आज कांग्रेस और भारत साधु समाज के बयानों को लेकर नगर में काफी उपहास की स्थिति रही। जहां तक हर की पैड़ी पर राजनैतिक आयोजनों का सवाल है, हर की पैड़ी के नाम पर समाजवादी पार्टी भी वीआईपी घाट पर पूरा राजनैतिक सम्मेलन कर चुकी है। इस सम्मेलन को हर की पैड़ी पर हो रहे सम्मेलन का ही दर्जा दिया गया था। हर की पैड़ी से पहले सुभाषघाट की सुभाष प्रतिमा राजनैतिक दलों के आंदोलनों का गढ़ रही है। आज भी भाजपा और कांग्रेस दोनों के ध्वज यहां विद्यमान हैं और दोनों दल गंगा के इस किनारे पर स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस मनाते हैं। सुभाष घाट पर कई बार वामपंथी दलों ने भी प्रदर्शन किए हैं।
नहीं भंग होने देंगे हर की पैड़ी की मर्यादा
भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि भविष्य में हर की पैड़ी जैसे पवित्र तीर्थ की मर्यादा भंग नहीं होने दी जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस संबंध में ज्ञापन तो भेजा गया है, भविष्य में साधु समाज का एक प्रतिनिधिमंडल भी उनसे मिलेगा। कांग्रेस नेता धीरेन्द्र प्रताप ने स्वीकार किया कि उन्होंने और हरीश रावत ने हर की पैड़ी का राजनैतिक इस्तेमाल कर भूल की है। भविष्य में ऐसा कोई भी न कर पाए, इसके लिए प्रदेश सरकार को प्रबंध करना चाहिए। आवश्यकता है कि जिला प्रशासन और गंगा सभा हर की पैड़ी पर किसी भी राजनैतिक कार्यक्रम की अनुमति न दें।