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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को फिर झटका

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श्रीनगर। एक ओर श्रीनगर मेडिकल कॉलेज प्रशासन पीजी (एमएस/एमडी) कक्षाओं की कवायद कर रहा है। वहीं दूसरी ओर कॉलेज की फैकल्टी (संकाय सदस्यों) का अन्यत्र जाना रुक नहीं रहा है। संस्थान के तीन संकाय सदस्यों का चयन दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में हो गया है। उन्होंने प्राचार्य को त्यागपत्र भेज दिया है।
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मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में पीजी कक्षाओं के लिए एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) में आवेदन किया गया है। गत मई माह में संपन्न प्री-पीजी एसेसमेंट में एमसीआई ने कई कमियां गिनाई हैं। इसमें सबसे प्रमुख फैकल्टी की कमी है। एमसीआई 10 फीसदी से नीचे कमी को स्वीकारता है, लेकिन यहां लगभग 25 फीसदी कमी पाई गई।
एमसीआई के दौरे के तुरंत बाद दो संकाय सदस्य एम्स ऋषिकेश चले गए थे। हाल मेें अस्थि रोग विभाग से एक सहायक प्रोफेसर ने भी इस्तीफा दे दिया। अब तीन संकाय सदस्यों का भी चयन दून मेडिकल कॉलज में हो गया है। वह भी जल्दी यहां से चले जाएंगे। एक माह के अंदर 6 फैकल्टी के जाने से कॉलेज प्रशासन के लिए संकट बढ़ जाएगा। क्योंकि एमसीआई ने प्री-पीजी एसेसमेंट की रिपोर्ट कॉलेज को भेजते हुए एक माह के भीतर कमियां दूर करने के लिए कहा है, लेकिन हालात ऐसे बन रहे हैं कि कमियां पूरी करना तो दूर स्थिति संभालना मुश्किल हो रही है।
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>> कम्यूनिटी विभाग के हालात होंगे खराब
श्रीनगर। संकाय सदस्यों के जाने से सबसे बुरी स्थिति कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की हो गई है। कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग से एसोसिएट प्रोफेसर डा. भोलानाथ और सहायक प्रो. धीरज गुप्ता का चयन दून मेडिकल कॉलेज में हुआ है। डा. भोलानाथ के जाने के बाद विभाग में एसो. प्रो. के स्वीकृत दोनों पद रिक्त हो गए हैं। वहीं माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. शेखर पाल भी दून चले जाएंगे। उनके जाने के बाद विभाग में सिर्फ एक सहायक प्रो. रह गए हैं।
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>> मैं अभी पौड़ी में हूं। किस-किस ने इस्तीफा दिया है। इसके बारे में अभी नहीं बता पाऊंगा।
प्रो.सीएमएस रावत, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज श्रीनगर
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