इस साल चंद्रमा का आधिपत्य रहेगा। 31 साल पहले ऐसा ही संयोग बना था। नए साल के हिसाब से पूर्णांक, हिंदुओं के नववर्ष का राजा और मंत्री चंद्रमा ही है।
शुरुआत से ही चंद्रमा की दृष्टि
वर्ष 1983 में इसी तरह बृहस्पति का योग था। चंद्रमा को सौम्यता का प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष पर शुरुआत से ही चंद्रमा की दृष्टि है। वर्ष 2014 का पूर्णांक सात बनता है। सात अंक का प्रतिनिधित्व चंद्रमा करता है।
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ऐसे में साल की शुरुआत तो चंद्रमा के प्रतिनिधित्व से हो चुकी है और हिंदू वर्ष की स्थिति भी ऐसी ही रहेगी। सोमवार का दिन चंद्रमा का प्रतीक है। 14 अप्रैल को बैसाखी है। इस दिन भी सोमवार है।
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विक्रमी संवत 31 मार्च से शुरू हो रहा है। ऐसे में साल का पहला दिन भी सोमवार को पड़ रहा है। साल के पहले दिन पड़ने वाला वार राजा माना जाता है और बैसाखी के दिन पड़ने वाला दिन मंत्री।
दोनों ही दिन सोमवार पड़ रहा है तो ऐसे में चंद्रमा ही राजा रहेगा और चंद्रमा ही मंत्री।
राजनीतिक उथल-पुथल हो सकती है
उत्तराखंड विद्वत सभा के आचार्य भरत राम तिवारी ने बताया कि वर्ष 1983 में ऐसा संयोग बना था जब बृहस्पति ही राजा, बृहस्पति ही मंत्री और न्यू ईयर अंक तीन के हिसाब से बृहस्पति का ही प्रतिनिधित्व रहा था।
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इससे पहले वर्ष 1949 में बुध का हर तरह से प्रतिनिधित्व था। इस साल राजनीतिक उथल-पुथल हो सकती है।
किस राशि पर क्या असर
मेष- परेशानी रहेगी, स्वास्थ्य खराब रह सकता है।
वृष- महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अंजान व्यक्तियों पर भरोसा ना करें।
मिथुन- बिगड़े कार्य बनेंगे। नए काम बनेंगे, सम्मान मिलेगा।
कर्क- मानसिक चिंता बढ़ेगी। छात्रों को विद्या में सफलता मिलेगी।
सिंह- राजनीतिक क्षेत्र में मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी-पद प्राप्त होगा।
कन्या- नए कार्यो की योजना बनेगी। मानसिक तनाव रहेगा।
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तुला- खर्चे बढ़ेंगे। किसी पर भरोसा ना करें, संभलकर काम करें।
वृश्चिक- खर्च बढ़ेगा। रूके हुए काम पूरे होंगे।
धनु- सामाजिक प्रभाव बढ़ेगा। नौकरी में उन्नति होगी।
मकर- धन, लाभ होगा। राजनीति में मान-सम्मान मिलेगा।
कुंभ- धार्मिक कार्यो में रूचि बढ़ेगी। धन लाभ होगा।
मीन- दांपत्य जीवन में परेशानी रहेगी। किसी पर भरोसा ना करें।