देहरादून। कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों के इलाज में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए दून अस्पताल में एक सप्ताह के भीतर दो सौ बेड का पीडियाट्रिक वार्ड तैयार किया जाएगा। साथ ही पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) और नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (नीकू) में व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
बता दें, जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने पदभार संभालने के बाद दून अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। डीएम ने निरीक्षण मिलीं खामियां दुरुस्त करने के साथ कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद राजकीय दून मेडिकल कॉलेज और दून अस्पताल के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केसी पंत ने बताया कि फिलहाल कोरोना की संभावित तीसरी लहर का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। न ही कोरोना संक्रमित बच्चे अस्पताल में आ रहे हैं। इसके बावजूद दून अस्पताल में बच्चों के इलाज को लेकर तमाम व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। व्यवस्थाओं को एक सप्ताह के अंदर दुरुस्त करने के साथ ही इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय और शासन को भी प्रेषित की जाएगी।
विशेषज्ञों को किया गया है प्रशिक्षित
कोरोना की तीसरी संभावित लहर से निपटने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी न हो इसके लिए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओर से विशेषज्ञ डॉक्टरों, सीनियर रेजीडेंट, जूनियर रेजीडेंट को प्रशिक्षित किया गया है। इसके अलावा त्वचा रोग, नेत्र रोग, हड्डी रोग समेत तमाम बीमारियों के विशेषज्ञों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।