उप जिला अस्पताल में रोजाना करीब 20 मरीज शरीर में खुजली और चकत्ते की शिकायत लेकर आ रहे हैं। मरीजों में स्केबीज का संक्रमण मिल रहा है। अधिकतर मरीज ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्र के हैं। चिकित्सक मरीजों को त्वचा पर लगाने के लिए लोशन लिख रहे हैं। व्यस्क मरीजों को अस्पताल से लोशन मिल रहा है। बच्चों के लिए अभिभावक बाहर से लोशन खरीद रहे हैं।उप जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र सिंह तोमर ने बताते हैं इन दिनों अस्पताल में स्केबीज के मामले आ रहे हैं। अधिकतर मरीज ऐसे है, जिनके घरों में पशु हैं। स्केबीज एक संक्रामक त्वचा रोग है जो सरकोप्टेस स्केबीई नामक घुन ( माइट्स) के कारण होता है। ये घुन त्वचा के नीचे सुरंगें बनाकर अंडे देते हैं, जिससे खुजली और लाल चकत्ते होते हैं। रात को शरीर में खुजली बढ़ जाती है। चेस्ट फिजिशियन डॉ. अतुल उपाध्याय बताते हैं कि व्यस्क मरीजों में भी स्केबीज के मामले आ रहे हैं। उन्होंंने बताया कि स्केबीज से संक्रमित व्यक्ति से त्वचा का संपर्क होने पर अन्य व्यक्ति को संक्रमण हो सकता है। ऐसे में सीधे त्वचा के संपर्क से बचना चाहिए। अस्पताल में स्केबीज के लिए लोशन उपलब्ध है, लेकिन यह लोशन बच्चों के मामलों में नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए बच्चों को बाहर से लोशन लिखा जा रहा है।