ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
दून और आसपास के इलाकों में मौसम की सटीक जानकारी के लिए 12 ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) स्थापित कर दिए गए हैं। ये स्टेशन मौसम विभाग की सेटेलाइट से संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सॉफ्टवेयर भी तैयार कराया जाएगा। साफ्टवेयर से क्षेत्र विशेष के मौसम की जानकारी वेबसाइट पर मिल सकेगी।
गर्मियों में देहरादून आने वाले और यहां से पहाड़ों पर जाने वालों की संख्या बढ़ जाती है। मौसम की सटीक जानकारी न होने के कारण कई बार यात्रियों को रास्ते में रुकना पड़ता है। इस बार आपदा प्रबंधन विभाग ने मौसम की सटीक जानकारी के लिए आधुनिक तरीका अपनाने की योजना बनाई है। इसके लिए मौसम विभाग की मदद से ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन स्थापित किए गए हैं। ये वेदर स्टेशन क्षेत्र विशेष में बारिश, आंधी, तूफान, नमी, बर्फबारी आदि की सटीक जानकारी देने में सक्षम होंगे।
जिला आपदा अधिकारी दीप शिखा रावत ने बताया कि ये सभी स्टेशन जून तक चालू हो जाएंगे। आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग के संयुक्त प्रयासों से पहाड़ी इलाके जहां पर बर्फ पड़ती है वहां स्नो गेज भी स्थापित किए जाएंगे। ताकि, लोग अपने मोबाइल और कंप्यूटर में वेबसाइट के माध्यम से क्षेत्र विशेष में बर्फ की मात्रा जान सकें। सहस्रधारा में बने स्टेशन के अलावा सभी ने काम करना भी शुरू कर दिया है।
लिंक से मिलेगी जानकारी
शासन की ओर से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इसमें वेबसाइट का एक लिंक सर्कुलेट किया जाएगा। इसके माध्यम से क्षेत्र विशेष के मौसम की जानकारी ली जा सकती है। सॉफ्टवेयर जून तक बनकर तैयार होने की संभावना है।
यहां बने स्टेशन
कालसी- एडब्ल्यूएस, मॉडल साइट
कोटी- एडब्ल्यूएस
नागट- एडब्ल्यूएस
सहसपुर - एडब्ल्यूएस
आशारोड़ी- एडब्ल्यूएस और रेन गेज
रायवाला - एडब्ल्यूएस और रेन गेज
लाखामंडल- एडब्ल्यूएस
विकासनगर - एडब्ल्यूएस और रेन गेज
उत्तराखंड तकनीकी विवि- एडब्ल्यूएस व रेन गेज
सहस्रधारा - एडब्ल्यूएस (अभी चालू नहीं)
मसूरी - एडब्ल्यूएस, रेन गेज और स्नो गेज
चकराता - एडब्ल्यूएस, रेन गेज और स्नो गेज