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दो साल में 60 वार्डों में लगीं केवल 35000 एलईडी

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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दो साल बाद भी नगर निगम के ज्यादातर मोहल्ले अंधेरे में हैं। ईईएसएल (इनर्जी इफिशियंसी सर्विस लिमिटेड) कंपनी दो साल में नगर निगम के 60 वार्डों में केवल 35,000 एलईडी ही लगा पायी है। इतना ही नहीं जिन जगहों पर एलईडी लगाई गई हैं, वहां खराब हो रही हैं।
वर्ष 2017 में नगर निगम, ईईएसएल (इनर्जी इफिशियंसी सर्विस लिमिटेड) और उरेडा के बीच अनुबंध हुआ था। कंपनी को 42000 एलईडी लगाने का काम सौंपा गया था। ईईएसएल कंपनी को उसी वर्ष 31 अक्तूबर तक पुराने 60 वार्डों में 42 हजार एलईडी लगानी थी, लेकिन करीब दो साल बाद भी इन वार्डों में पूरी लाइटें नहीं लग पाई हैं। चमन विहार, हाथीबड़कला, जीएमएस रोड समेत कई स्थानों पर लगी एलईडी के टाइमर काम नहीं कर रहे हैं। इस पर पार्षदों ने निगम अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई के बजाए कंपनी को केवल नोटिस ही भेजा गया। पार्षदों का आरोप है कि कंपनी घटिया गुणवत्ता वाली एलईडी लगा रही है, इससे बेहतर को सोडियम लाइटें थीं। वहीं इस मामले में नगर निगम प्रशासन केवल नोटिस भेजने की खानापूर्ति कर सका है। निगम की ओर से शेष सात हजार एलईडी के लिए कोई समय सीमा भी तय नहीं की गई है। इस बाबत ईईएसएल कंपनी के रीजनल मैनेजर राहुल सिंह ने कहा कि वे इस समय छुट्टी पर हैं, लौटने के बाद ही जानकारी दे पाएंगे।
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यह था अनुबंध
नगर निगम, उरेडा और ईईएसएल के बीच अनुबंध हुआ था। इसके तहत बिजली के बिल का भुगतान हाईडिल और ईईएसएल को आधा-आधा करना था। पांच साल तक मेंटीनेंस का पूरा खर्च ईईएसएल को उठाना था। इसके तहत ईईएसएल को नगर निगम के 27 हजार विद्युत पोलों पर लगी 42 हजार स्ट्रीट लाइटों की जगह 26, 70 और 120 वॉट की एलईडी लगानी थीं।
नए वार्डों में लगी महज 13000 लाइटें
निगम के अधिकारियों के मुताबिक नए वार्डों में स्ट्रीट लाइटें की व्यवस्था की जा रही है। वर्तमान में निगम की ओर से 13000 लाइटें लगवाई गई हैं। यहां कम से कम 35000 लाइटें लगाई जानी हैं। स्थानीय पार्षद कई बार इसकी शिकायत निगम के अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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नगर निगम के पुराने वार्डों में जिन जगहों पर एलईडी नहीं लगी है, वहां जल्द लगाने के निर्देश कंपनी को दिए गए हैं। अगर कंपनी जल्द ही एलईडी नहीं लगाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-नीरज जोशी, अपर नगर आयुक्त
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