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ऐ लड़की मुस्करा, तू जोर से हंस खिलखिला...

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प्रतीकात्मक तस्वीर
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून

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फूलदेई अभियान के अंतर्गत धाद संस्था ने मंगलवार को सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में बाल कवि सम्मेलन ‘खिलते सुमन’ आयोजित किया। इस दौरान बाल कवियों ने एक से बढ़कर एक सुंदर कविताओं की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एससीईआरटी निदेशक सीमा जौनसारी ने किया।

सीमा जौनसारी ने बताया कि विभाग बच्चों में रचनात्मकता के विकास और उन्हें तनाव मुक्त शिक्षा देने के लिए एक हैप्पीनेस इंडेक्स पीरियड जोड़ने जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी आशा पैन्यूली ने बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर लोकेश नवानी ने ‘ऐ लड़की मुस्करा, तू जोर से हंस खिलखिला... कविता सुनाई।
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इसके अलावा राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय गलज्वाड़ी के राजन ने मैथली शरण गुप्त की ‘मां कहे एक कहानी’, राहुल सिंह ने अयोध्या सिंह उपाध्याय की ‘प्रिय प्रवास’, यूपीएस कोटडा संतौर की अंजली ने ‘लहरों से ड़रकर कभी नौका पार नहीं होती’, यूपीएस कीमाडी की आस्था पुंडीर ने माखन लाल चतुर्वेदी की ‘चाह नहीं में सुरबाला के गहनों में गूंथा जांऊ’, यूपीएस जोहड़ी की तपस्या ने सुभद्रा कुमार चौहान ‘खूब लड़ी मर्दानी वह तो, झांसी वाली रानी थी’, जीपीएस गलज्वाड़ी की तनीषा थापा ने ‘हटकर बैठा चांद एक दिन’, जीपीएस रिखोली की श्रुति पुंडीर ने ‘चांद का कुर्ता’, जीपीएस पौंधा की काजल ने ‘थाल सजाकर किसे पूजने’ कविता सुनाई।
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इस अवसर पर धाद साहित्य एकांश की अध्यक्ष कल्पना बहुगुणा, सचिव मंजू काला, राजीव पांथरी, योगेश चंद्र बहुगुणा, बिरेश, तोताराम ढौंडियाल, तन्मय ममगाईं, प्रभाकर देवरानी, मनीषा ममगाईं, अनीता नौटियाल, ज्योति जोशी, पूनम भटनागर, अर्चना नौटियाल आदि मौजूद रहीं।

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