पिरूल से होगा 200 मेगावाट बिजली का उत्पादन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राज्य सरकार की ओर से चीड़ की पत्तियों (पिरूल) से बिजली बनाने को लेकर ‘विद्युत उत्पादन नीति-2018’ जारी होने के बाद योजना के पहले चरण में 200 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। योजना के लिए उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण (उरेडा) की ओर से टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। दूसरी ओर सचिव ऊर्जा राधिका झा ने मंगलवार को सभी जिलों के जिलाधिकारियों व प्रभागीय वनाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रैसिंग कर योजना की समीक्षा की।
वीडियो कांफ्रैसिंग के दौरान ऊर्जा सचिव ने सभी प्रभागीय वनाधिकारियों को हिदायत दी कि वे अपने-अपने प्रभागों में पिरूल की मात्रा का आंकलन कर जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराएं। ऊर्जा सचिव ने कहा कि यह सुनिश्चित कराया जाए कि योजना में वन पंचायतों की भागीदारी हो। साथ ही जिला स्तरीय नियोजन एवं अनुश्रवण समितियों का गठन कर योजना की समय-समय पर समीक्षा की जाए।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान अपर सचिव वन एवं पर्यावरण धीरज पांडे ने बिजली इकाइयों की स्थापना के लिए जरूरी पिरूल के एकत्रीकरण के लिए वन पंचायतों को जागरूक किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वन पंचायतों के जरिये पिरूल को इकट्ठा कर जहां बिजली उत्पादन किया जा सकता है, वहीं ग्रामीणों की आर्थिकी को मजबूत किया जा सकता है।