ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति बिना नक्शा पास कराए घर बना ले या कहीं अतिक्रमण कर ले तो उसकी खैर नहीं होती। लेकिन, संपन्न लोगों पर इनके नोटिस को असर नहीं पड़ता। मलूकावाला में भारतीय सैन्य अकादमी की सुरक्षा दीवार के पास कुछ लोगों ने अवैध प्लाटिंग की है। एमडीडीए ने इसके लिए नोटिस भी भेजा, लेकिन न प्लाटों की बिक्री बंद हुई और न अवैध प्लाटिंग ध्वस्त की गई।
स्थानीय निवासी राशिद अली ने अमर उजाला को एक शिकायती पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने कहा कि मलूकावाला में भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की सुरक्षा दीवार के पास अवैध प्लाटिंग की गई है। करीब 20 बीघा जमीन पर बहुमंजिला इमारतें खड़ी की गई हैं। अमर उजाला टीम ने सोमवार को जब मौके का निरीक्षण किया तो शिकायत सही पाई गई। राशिद ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत केंद्रीय रक्षामंत्री से भी की थी। एमडीडीए अधिकारियों से भी कई बार की इसकी शिकायत की, लेकिन किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्लाटिंग करने वाले ने नक्शा पास कराए बिना प्लाटों की बिक्री शुरू की है। इस पर एमडीडीए ने नोटिस भेजा, लेकिन प्लाटिंग करने वाले ने प्लाटों की बिक्री बंद नहीं की। 22 दिसंबर को एमडीडीए के नोटिस के बाद भी भू-स्वामी ने अवैध प्लाटिंग ध्वस्त नहीं की।
राजधानी में बढ़ रहे अवैध प्लाटिंग के मामले
अवैध प्लाटिंग के मामले राजधानी में लगातार बढ़ रहे हैं। एमडीडीए अधिकारियों की सुस्ती का भू-माफिया फायदा उठा रहे हैं। यदि एमडीडीए समय रहते कार्रवाई करे तो शायद इन पर अंकुश लग जाता। इससे कहीं न कहीं एमडीडीए की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।
मलूकावाला में अवैध प्लाटिंग को पहले भी तोड़ा गया था, लेकिन भू-स्वामी ने फिर से अवैध प्लाटिंग शुरू कर दी है। इसको लेकर 22 दिसंबर को नोटिस भेजा था। जिसकी समयसीमा पूरी होने वाली है। यदि तब भी अवैध प्लाटिंग ध्वस्त नहीं की जाती तो एमडीडीए टीम पुलिस के साथ ध्वस्तीकरण कार्रवाई करेगी।
-पीसी दुम्का, सचिव, एमडीडीए