ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन का आठवां केंद्रीय महाधिवेशन सोमवार को ऑफिसर्स क्लब में आयोजित किया गया। ऊर्जा सचिव राधिका झा की मौजूदगी हुए महाअधिवेशन के दौरान अभियंताओं ने तीनों निगमोें के अभियंताओं को 4800 ग्र्रेड पे देने, निर्माणाधीन परियोजनाओं में तैनात अभियंताओं को परियोजना भत्ता देने, कार्य के घंटों को श्रम कानूनों के तहत लागू करने, पदोन्नति कोटा बढ़ाने, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी जैसे विभागों की तर्ज पर वेतनमान देने के साथ ही पेंशन व स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने का मुद्दा उठाया।
इस अवसर पर ऊर्जा सचिव राधिका झा ने कहा कि जूनियर इंजीनियर ऊर्जा निगम की रीढ़ हैं। उनके हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। ऊर्जा सचिव ने सबी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान एसोसिएशन के केंद्रीय महासचिव जेसी पंत ने संबंधित मांग पत्र ऊर्जा सचिव को सौंपा। एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष जीएन कोठियाल ने मांगों पर सरकार व शासन स्तर पर विचार विमर्श नहीं करने का आरोप लगाया। महाअधिवेशन के दौरान मुख्य अतिथि ने एसोसिएशन की स्मारिका ‘शक्ति संदेश-2018’ का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा, पिटकुल के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल, यूजेवीएनएल के प्रबंधक एसएन वर्मा, ऑल इंडिया पावर डिप्लोमा फेडरेशन के अध्यक्ष एसएम सिंह, दीपक पाठक, विनीत गुप्ता, संदीप शर्मा, बुद्धि सिंह पंवार, रामकुमार, जगपाल सिंह, विमल बहुगुणा, बबलू सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन केंद्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरके जैन व आरके शर्मा ने किया।
महाअधिवेशन में उठाई गई मांगें
1-अवर अभियंताओं को एक जनवरी 2006 से पुनरीक्षित वेतनमान में 4800 ग्रेड पे दिया जाए।
2-सिंचाई, पीडब्ल्यू समेत अन्य विभागों की भांति पदोन्नति कोटा 58.33 फीसदी किया जाए।
3-2005 तक नियुक्त अवर अभियंताओं को पेंशन एवं जीपीएफ की सुविधा मुहैया कराई जाए।
4-तीनों निगमों में पदोन्नति के सभी पदों पर जल्द पदोन्नति की जाए।
5-अवर अभियंताओं को एसीपी की व्यवस्था के तहत नौ साल की सेवा पूरी होने पर सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति दी जाए।
6-14 साल की सेवा पूरी होने पर अधिशासी अभियंता व 19 साल की सेवा पूरी होने पर अधीक्षण अभियंता के पद पर तैनाती दी जाए।
7-अनुग्रह राशि बढ़ाकर 15 लाख की जाए।
8-दूरदराज इलाकों में तैनात अभियंताओं को अतिथिगृहों में आवास की व्यवस्था दी जाए।
9-विभागीय कर्मचारियों के जो बच्चे बोर्ड परीक्षाओं में 90 फीसदी से अधिक अंक पाते हैं उनके लिए प्रोत्साहन नीति बनाई जाए।
10-एलटीसी की नियमावली में संशोधन कर चार साल में एक बार एलटीसी की सुविधा दी जाए।
11-तीनों निगमों में कार्मिक कल्याण समिति का गठन किया जाए।
12-तीनों निगमों में कर्मचारियों के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाए।
13-तीनों निगमोें के निर्माणाधीन शाखाओं में तैनात कर्मचारियों को परियोजना भत्ता दिया जाए।
14-सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शासनादेश के तहत पेंशन का निर्धारण किया जाए।
15-कर्मचारियों को श्रम कानूनों के तहत ड्यूटी के घंटे निर्धारित किए जाए।
16-तीनों ने निगमों के कर्मचारियों को पेंशन के साथ ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की सुविधा मुहैया कराई जाए।
17-तीनों निगमों में अवर अभियंताओं, सहायक अभियंताओं की नवीनतम वरिष्ठता सूची जल्द जारी की जाए।
18-लंबी बीमारियों से जूझ कर्मचारियों को चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति किया जाए।
19-कर्मचारियों के स्थानांतरण की पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
20-यूजेवीएनएल में सहायक अभियंताओं की भर्ती एवं पदोन्नति घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की जाए।