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रंग लाया ग्रामीणों का आंदोलन माधोपुर में बनेगा अंडरपास

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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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माधोपुर में अंडरपास बनाने की मांग के समर्थन में 107 दिन से चल रहा धरना ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने ग्रामीण को शासनादेश की कापी देकर समाप्त करा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने हलवा बांटकर खुशी मनाई। शासनादेश के अनुसार, माधोपुर में तीन करोड़ की लागत से अंडरपास बनाया जाएगा। इस बाबत सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से एनएचएआई को निर्देश जारी किए गए हैं।
माधोपुर के ग्रामीण 107 दिन से हाईवे किनारे धरना दे रहे थे। ग्रामीणों की मांग थी कि माधोपुर गांव के समीप निर्माणाधीन हाईवे पर अंडर पास का निर्माण कराया जाए, क्योंकि श्मशान घाट जाने के लिए मुस्लिम बस्ती से होकर जाना पड़ा है, वहीं स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इस दौरान ग्रामीणों से मिलने भाजपा के प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल और भाजपा नेता शोभाराम प्रजापति समेत कई नेता आ चुके थे। उन्होंने ग्रामीणों को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद रविवार को जेएम नितिका खंडेलवाल अंडरपास का शासनादेश लेकर धरना स्थल पहुंचीं और धरना समाप्त कराया। जिला पंचायत सदस्य पति सुखमेंद्र वाल्मीकि ने बताया कि जेएम ने ग्रामीणों को शासनादेश की कापी उपलब्ध कराते हुए बताया कि सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से एनएचएआई को अंडरपास बनाने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके बाद ग्रामीणों ने खुशी मनाते हुए हलवे का वितरण किया और धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य सपना वाल्मीकि, पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, शोभाराम प्रजापति, चतरसेन, शिव कुमार, सोनू कश्यप, अनीता, बाबूलाल आदि मौजूद रहे।
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रंग लाया ग्रामीणों का संघर्ष:
ग्रामीण अपनी मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। दिन के समय पुरुष काम पर चले जाते थे तो महिला धरने की कमान संभालती थीं। इसके बाद रात के समय पुरुष धरने पर पहरेदारी करते थे। इसी का नतीजा है कि ग्रामीणों की मांग पूरी हुई है।
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मृतक के परिजनों को सौंपी सहायता:
मिली जानकारी के अनुसार, रात के समय पुरुष धरने पर पहरेदारी करते थे। कुछ दिनों पूर्व सुशील पहरेदारी कर रहा था। दिन में वह काम पर चला गया, लेकिन यहां नींद के कारण वह ऊंचाई से गिर गया और उसकी मौत हो गई थी। रविवार को जिला पंचायत सदस्य सपना वाल्मीकि ने मृतक के पति को 5100 रुपये की आर्थिक सहायता दी। इस दौरान ग्रामीणों ने जेएम को बताया कि मृतक के परिजनों ने कुछ ऋण फाइनेंस कंपनी से लिया था। अब कंपनी के लोग परिजनों को धमका रहे हैं। ग्रामीणों ने जेएम से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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