ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
बीते तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते सोमवार तड़के तहसील चौक के पास एक गिरासू भवन जमींदोज हो गया। हालांकि, गनीमत रही कि घटना में जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। वहीं, अभी तक गिरासू भवनों पर कार्रवाई नहीं होने के चलते लोगों में नगर निगम और जिला प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। दूसरी ओर नगर आयुक्त ने गिरासू भवनों का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
तहसील चौक के पास स्थित एक गिरासू भवन सोमवार तड़के बारिश के दौरान जमींदोज हो गया। तेज आवाज सुनकर आसपास रहने वालों में अफरातफरी मच गई और वे घरों से बाहर निकल आए। गनीमत रही कि भवन गिरने के दौरान वहां कोई मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी के जरिये मलबा उठवाया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले यहां एक बैंक चलता था। गिरासू भवन की श्रेणी में आने के बाद बैंक को यहां से शिफ्ट कर दिया गया। उधर, घटना से नगर निगम प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने अपर नगर आयुक्त नीरज जोशी को टीम गठित कर गिरासू भवनों का सर्वे कराने के निर्देश दिए।
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गिरासू भवनों पर नहीं टूट रही निगम की नींद
नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में मौजूद 41 गिरासू भवन बन सकते हैं हादसों को सबब
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। गिरासू भवनों पर कार्रवाई के लिए नगर निगम की नींद नहीं टूट रही है। तहसील चौक के गिरासू भवन की तरह ही निगम क्षेत्र में मौजूद 41 गिरासू भवन कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। इससे किसी हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद शहर के गिरासू भवनों को ध्वस्त नहीं किया जा रहा है। एक साल पहले निगम ने इन भवनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर मजिस्ट्रेट को पत्र भी लिखा था। लेकिन, अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। बीते अप्रैल में कई भवन स्वामी निवर्तमान मेयर विनोद चमोली से मिले थे और गिरासू भवनों को गिराने की गुहार लगाई थी। दिल्ली की रहने वाली सुधा शर्मा और उनकी दून निवासी बहन अर्चना ने अपने कौलागढ़ स्थित गिरासू भवन को गिराने की मांग की थी। लेकिन, पड़ताल में पता चला कि वहां कई किरायेदार रहते हैं, जो मकान खाली करने के एवज में रुपये की मांग कर रहे हैं। ऐसे में विवाद के कारण निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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इन जगहों पर मौजूद हैं गिरासू भवन
नगर निगम क्षेत्र में तहसील चौक, राजा रोड, कनाट प्लेस, तिलक रोड, आढ़त बाजार, झंडा बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, मोती बाजार, घोसी गली, धारा चौकी के पास गिरासू भवन खड़े हैं, जो करीब 70 से 80 वर्ष पुराने हैं।
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गिरासू भवनों का सर्वे कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। गिरासू भवनों के बाहर बोर्ड भी लगाए जाएंगे। अधिकतर मामले कोर्ट में होने के चलते कार्रवाई नहीं हो पा रही है। -विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त