ब्यूरो/अमर उजाला/ देहरादून।
कोटिकरण की विसंगतियों को लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठनों में सबसे ज्यादा नाराजगी है। सरकार द्वारा तबादला एक्ट में संशोधन की बात कहने के बाद कई कर्मचारी संगठनों ने अपने सुझाव भेजे हैं। इनमें सबसे ज्यादा फोकस कोटिकरण की विसंगतियों को सुधारने की मांग पर है। इसके अलावा कई संगठनों ने दुर्गम के कर्मचारी को मर्जी के बिना सुगम में लाने पर भी रोक लगाने की मांग समेत अन्य सुझाव भी दिए हैं।
मिनिस्टीरियल सर्विसेज ने दिए 11 सुझाव
उत्तराचंल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री सुनील दत्त कोठारी के अनुसार अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) को पत्र भेजकर तबादला एक्ट में शामिल करने के लिए 11 सुझाव दिए हैं।
दिए गए सुझाव
1-मान्यता प्राप्त संघों के अध्यक्ष व सचिव को स्थानांतरण में दो वर्ष से अधिक की छूट।
2-नियुक्ति-पदोन्नति के दौरान पद रिक्त होने पर अध्यक्ष व सचिव की उसी जिले में पदोन्नति।
3-पति-पत्नी को एक स्थान पर रखने की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
4-55 वर्ष के पुरुष व 50 वर्ष से अधिक की महिलाकर्मी को तबादलों में लाभ।
5-दुर्गम के कार्मिक को उसकी इच्छा के बिना सुगम में न भेजा जाए।
6-स्थानांतरण की अंतिम तिथि 31 मार्च नियत हो।
7-सेवानिवृत्ति के अंतिम वर्ष में कार्मिक को उसके एच्छिक स्थान पर नियुक्ति।
8-तबादले के बावजूद आवश्यकता होने पर कर्मचारी को पूर्व स्थल पर आवास का लाभ देने।
9-चतुर्थ वर्गीय कामिकों की विसंगतियों में सुधार करने।
10-अनिवार्य स्थानांतरण में अग्रिम यात्रा भत्ता देने।
11-कोटिकरण समिति में मान्यता प्राप्त संघों के अध्यक्ष व सचिव को शामिल किया जाए।
शिक्षक संघ ने भेजे 10 सुझाव
उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने तबादला एक्ट में संशोधन के लिए 10 सुझाव भेजे हैं। संघ के प्रांतीय महामंत्री दिग्विजय सिंह चौहान ने कहा कि इन विसंगतियों के कारण कर्मचारियों को दिक्कत हो रही है। इसलिए इन सुझावों को शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने वरिष्ठ कार्मियों की आयु की गणना 31 मार्च से करते हुए 50 वर्ष से अधिक की महिला कर्मचारी को अनिवार्य स्थानांतरण में छूट देने, कोटिकरण की विसंगतियों को ठीक करने, पारस्परिक स्थानांतरण में सुगम से सुगम का प्रावधान जोड़ने, अनिवार्य स्थानांतरण में विधवा, विधुर, तलाकशुदा और परित्यक्ता को छूट देने, दुर्गम से सुगम में स्थानांतरण चाहने या ना चाहने का विकल्प देने, पदस्थापन के लिए काउंसिलिंग व्यवस्था लागू करने, स्थानांतरण समिति में मान्यता प्राप्त संघों के प्रतिनिधियों को शामिल करने, मान्यता प्राप्त संघों के अध्यक्ष व सचिव को तीन साल तक तबादले से छूट देने और कर्मियों को पूरे सेवाकाल में एक बार जनपद-मंडल संवर्ग में बदलाव की छूट देने का सुझाव दिया है।