...तो डेढ़ हजार विधवाओं को नहीं मिलेगी पेंशन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सरकार की बेरुखी से जिले में डेढ़ हजार विधवाओं को इस तिमाही में भी पेंशन नहीं मिल सकेगी। शासन की ओर विधवा पेंशन के लिए पांच करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं। जबकि जिले में विधवा पेंशन के लाभार्थियों की संख्या इसके हिसाब से ज्यादा है। इसके अलावा कुछ विधवाएं तो ऐसी भी हैं, जिन्हें छह माह से पेंशन का पैसा नहीं मिला है, वे विभाग के चक्कर काट रही हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार विधवा पेंशन के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। यह पेंशन जिला प्रोबेशन अधिकारी के जरिये जारी की जाती है। पिछले दिनों इस पेंशन के सत्यापन के लिए लोगों को काफी फजीहतें झेलनी पड़ी थी। इस सत्यापन की अंतिम तारीख 30 जून बताई गई थी। इस अवधि तक आधे पेंशन धारकों का भी सत्यापन नहीं हो सका था। अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया था। तब संबंधित अधिकारी कह रहे थे कि सत्यापन के अभाव में किसी की पेंशन नहीं रोकी जाएगी। सभी को समय पर धनराशि जारी की जाएगी।
जिले में विधवा पेंशन के लिए 18 हजार महिलाएं पात्र हैं। जिनका पेंशन के पैसे से ही गुजारा हो पाता है। ऐसी महिलाएं पिछले तीन माह से खातों में पेंशन आने का इंतजार कर रही हैं। मंगलवार को शासन की ओर से सभी जिलों को बजट जारी किया गया है। जिसमें जिले के हिस्से में विधवा पेंशन मद में केवल पांच करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जबकि विभाग ने पांच करोड़ 40 लाख रुपये की मांग की थी। इतनी धनराशि से सभी पात्र विधवाओं को पेंशन का लाभ मिल सकता था। जारी पांच करोड़ की धनराशि से तो 16500 को ही पेंशन जारी की जा सकती है। बाकी डेढ़ हजार विधवाओं को पेंशन का फिर इंतजार करना होगा।
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हर तिमाही खाते में जारी होता है धन
प्रतिमाह एक हजार की पेंशन का लाभार्थियों के खाते में हर तिमाही 3000 हजार रुपये जारी किए जाते हैं, जिससे विधवा महिलाएं के घर के गुजारा हो पाता है।
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छह माह से नहीं मिली पेंशन
विधवा पेंशन का लाभ पाने के लिए काफी महिलाएं ऐसी हैं जो छह माह से पेंशन के लिए विभाग के चक्कर काट रही हैं लेकिन कभी बजट न होने तो कभी सर्वर ठप होने का हवाला देकर उन्हें टरका दिया जाता है।
शासन की ओर से पांच करोड़ का बजट जारी किया गया है। जिसे जल्द ही खातों में जारी कर दिया जाएगा। अगर कोई पेंशन के लाभ से वंचित रह जाता है तो उसे अगले बजट में लाभ दिया जाएगा।
- मीना बिष्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी