ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
विगत बृहस्पतिवार को दून अस्पताल में स्ट्रेचर न मिलने पर भाई के शव को गेट तक कंधे पर ले जाने के मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने जांच शुरू कर दी गई है। शनिवार को कमेटी सदस्यों ने घटना के दिन ड्यूटी पर तैनात सीएमएस, ईएमओ, स्टाफ नर्स समेत अन्य कर्मियों से की पूछताछ की।
दून अस्पताल में इलाज के दौरान बिजनौर के धामपुर निवासी सोनू की विगत बृहस्पतिवार को मौत हो गई थी। सोनू की मौत के बाद स्ट्रेचर न मिलने पर उसका बड़ा भाई उसके शव को गेट तक कंधे पर लादकर लाया था। किन्नरों और अन्य लोगों ने चंदा एकत्र कर शव को धामपुर भिजवाया था। इस घटना के बाद सीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए विभागीय अफसरों को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। शनिवार को मामले में जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। जिसमें मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता के अलावा डॉ. जेएस राणा और डॉ. पीएस रावत को शामिल किया गया है। जांच कमेटी ने घटना के दिन ड्यूटी पर तैनात सीएमएस, ईएमओ, स्टाफ नर्स, फार्र्मासिस्ट, सुरक्षा गार्ड, वार्ड ब्वॉय और पुलिस चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की।
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सीएमएस ने कमेटी के गठन पर उठाए सवाल
अस्पताल के सीएमएस डॉ. केके टम्टा ने जांच समिति के गठन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब उनके पास किसी भी प्रकार के प्रशासनिक, वित्तीय अधिकार नही है तो वे किस आधार पर उनसे पूछताछ कर सकते हैं। उनका कहना है कि मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनसे बेवजह पूछताछ किया जाना उचित नहीं है।
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सचिव ने किए आदेश, महानिदेशक बोली, नहीं मिला पत्र
मामले में स्वास्थ्य सचिव नितेश झा ने स्वास्थ्य महानिदेशक के स्तर से जांच करने के लिए आदेश जारी किए हैं। हालांकि इस संबंध में जब स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि शासन स्तर से भी अभी उनको जांच करने के संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद जांच कराई जाएगी।