ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्रदेश के सभी आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक कॉलेजों को अपनी पूरी जानकारी वेबसाइट पर जारी करनी होगी। इस संबंध में आयुष मंत्रालय ने निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कॉलेजों को 15 दिन के भीतर पूरी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। माना जा रहा है कि मंत्रालय के इस कदम से कॉलेजों में होने वाले फर्जीवाड़े पर काफी हद तक लगाम लग जाएगी।
आयुष मंत्रालय के पत्र के मुताबिक सभी आयुर्वेद, होम्योपैथिक कॉलेजों को अपने शिक्षकों की पूरी जानकारी के अलावा कॉलेज का नाम, पता, ई-मेल, मोबाइल नंबर आदि वेबसाइट पर जारी करने होंगे। अभी तक कई कॉलेज ऐसे हैं जो शिक्षकों के नाम फर्जी देकर मान्यता लेते आए हैं। आयुष मंत्रालय पहले ही ऐसे कॉलेजों पर लगाम लगाने के लिए आधार आधारित हाजिरी शुरू कर चुका है। अब इस कदम के बाद माना जा रहा है कि कॉलेज फर्जी तरीके से शिक्षकों के नाम जारी नहीं कर पाएंगे। इसकी वजह यह भी है कि सभी कॉलेजों को 15 दिनों के भीतर पूरी डिटेल अपलोड करने के बाद वेबसाइट का फोटो आयुष मंत्रालय के पास भेजना है। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के संकाय अध्यक्ष डॉ. आरके मिश्रा का कहना है कि आयुष मंत्रालय का प्रयास सराहनीय है। इससे आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी और सिद्धा कॉलेजों में फर्जीवाड़े पर लगाम लग जाएगी।