ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्द्ध सैनिक कल्याण संगठन की रविवार को बैठक हुई। पदाधिकारियों ने प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करते हुए स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने के लिए फिर से संघर्ष करने का आह्वान किया। पूर्व सैनिकों ने नगर निकायों का विस्तारीकरण कर गांवों के वजूद को खत्म करने की भी निंदा की।
बालावाला में आयोजित बैठक में संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष माधवानंद बंदूनी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण में पूर्व सैनिकों की अहम भूमिका रही है। राजनीतिक पार्टियों की इच्छाशक्ति की कमी के चलते 17 सालों बाद भी स्थायी राजधानी नहीं बन सकी है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों को गैरसैंण स्थायी राजधानी के लिए एक बार फिर संघर्ष के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। महासचिव पीसी थपलिया ने राजधानी पर लिखित प्रपत्र पेश किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां जानबूझकर राजधानी के मद्दे को उलझाई हैं। जनता को भटकाया जा रहा है। बैठक में दिगंबर नेगी, डा. सुभाष प्रसाद, आनंद प्रकाश धस्माना, सुरेंद्र प्रसाद नौटियाल, डीपी बलूनी, दरबान सिंह, पीसी घिल्डियाल, रणजीत सिंह मेहरा, अजीत सिंह रावत, उमराव सिंह, चंद्रमणि बंदूनी, दीवान सिंह बोरा ने विचार रख। अध्यक्षता रणजीत सिंह मेहरा और संचालन चंद्रमणि बंदूनी ने किया। इस दौरान एमएम ध्यानी और पीसी डिल्यिाल, दरबान सिंह, लक्ष्मण कठैत और मोहन सिंह पंवार मौजूद थे। रणजीत सिंह मेहरा ने कहा कि सात जनवरी को नत्थुवाला इंटर कालेज में सैनिक संगठन वालीबाल टूर्नामेंट आयोजित होगा। आखिर में सभी पदाधिकारियों ने एक दूसरे को नए साल की बधाइयां दी।