श्रीनगर (ब्यूरो)। शुक्रवार सुबह-सुबह सवा छह बजे कलियासौड़, धारी गांव, डुंगरीपंथ सहित अलकनंदा घाटी के अन्य गांवों के लोग धमाकों की आवाज से सहम गए। लोगों को जोर-जोर से धमाकों की आवाज गूंजती तो सुनाई दे रही थी, लेकिन न तो आसपास कहीं ऐसा निर्माण कार्य चल रहा था, जहां विस्फोट किया जा रहा हो और न ही आसमान में बादल दिखाई दे रहे थे। ऐसे में लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आवाज कहां से आ रही है। उत्सुकतावश कुछ लोग बदरीनाथ हाईवे की ओर बढ़े, तो मंजर देखकर कांप उठे।
धारी देवी मंदिर से करीब चार किलोमीटर और सिरोहबगड़ से करीब आधा किलोमीटर आगे सड़क में आग की लपटें उठ रही थीं। धमाकों की आवाज भी यहीं से आ रही थी। पता चला कि गैस सिलेंडर से लदे ट्रक में आग लग गई है, जिससे सिलेंडर भी आग की चपेट में आ गए हैं। जलते ट्रक से सिलेंडर गोले की माफिक हवा में उड़ रहे थे। अलकनंदा नदी में जले हुए सिलेंडर बहते दिखाई दे रहे थे। लगभग दो घंटे तक यही माजरा रहा। जलते सिलेंडरों से हुए धमाकों की गूंज 6-7 किलोमीटर दूर सुनाई दी। डुंगरीपंथ निवासी गजपाल सिंह कंडारी ने बताया कि उन्होंने 15-20 धमाकों की आवाज सुनी। ऐसा लगा कि जैसे कोई बम फट गया हो। मौके की संवेदनशीलता को भांपते हुए सिरोबगड़ में पुलिस बैरियर पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। वहीं श्रीनगर पुलिस ने तत्काल वाहनों को डुंगरीपंथ में भट्टीसेरा-छातीखाल-देजीमांडा मोटर मार्ग पर डायवर्ट कर दिया, जिसके चलते सिरोहबगड़ में बहुत कम वाहन खड़े रहे।