चेक में हस्ताक्षर के मामूली अंतर पर चेक को रिजेक्ट करने वाले बैंक अधिकारियों की आंख में धूल झोंककर एक व्यक्ति ने जाली चेक से 40 हजार रुपये निकाल लिए। बैंक अधिकारियों को अपनी भूल या फिर लापरवाही का उस समय पता चला, जब खाता धारक ने बैंक में पहुंचकर खाते से रुपये निकलने की बात बताई। तहरीर पर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
कोतवाली सिविल लाइंस अंतर्गत लालकुर्ती स्थित पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 29 मई को प्रवेश कुमार नाम का एक व्यक्ति बैंक के एक खाताधारक का चेक लेकर आया था। कर्मचारियों ने चेक की पड़ताल के बाद उसमें लिखी 40 हजार रुपये की धनराशी प्रवेश कुमार नाम के व्यक्ति को दे दी। यह चेक हरमंदीप सिंह नाम के खाताधारक की ओर से जारी किया गया था। जब खाताधारक हरमंदीप सिंह ने बैंक आकर बताया कि उसके खाते से 40 हजार रुपये निकले हैं। इस पर बैंक ने खाता देखा तो रुपये चेक के माध्यम से निकले थे। खाताधारक ने बताया कि उसने कोई चेक जारी नहीं किया है। जिस चेक की बात कर रहे हैं वह उसकी चेक बुक में लगा हुआ है। चेक बुक देखी गई तो उस नंबर का चेक चेकबुक में लगा हुआ था। बैंक मैनेजर ने बताया कि जिस चेक से रुपये जारी किए गए हैं वह चेक और चेकबुक में लगा चेक बिलकुल एक जैसे हैं। किसी ने चेक का क्लोन तैयारकर रुपये निकाले हैं। कोतवाली रुड़की प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल ने बताया कि तहरीर पर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जाली चेक और उसमें जाली हस्ताक्षर को बैंक कैसे नहीं पहचान पाया। यह गंभीर मामला है। आरोपी को चिह्नित करने के लिए पुलिस बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने की तैयारी में जुट गई है।