ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश सरकार के दायित्व आवंटन के बाद भाजपा में गहमागहमी तेज हो गई है। पहली सूची में शामिल नहीं हुए कार्यकर्ताओं को आस है कि नववर्ष पर जारी होने वाली दूसरी सूची में उनका नाम शामिल हो सकता है। उधर, संगठन से सरकार में शामिल कार्यकर्ताओं के लिए ‘एक व्यक्ति एक पद’ सिद्धांत प्रभावी होगा। सरकार में जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन का दायित्व छोड़ना होगा। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने इसके संकेत दिए हैं कि संगठन में रिक्त हुए पदों पर जल्द तैनाती होगी।
पहली सूची के बाद प्रदेश कार्यकारिणी में चार पद रिक्त हो गए हैं। प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल और गजराज बिष्ट की तैनाती के बाद उनके स्थान पर पार्टी को अनुभवी कार्यकर्ता तलाशने होंगे। इसके अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष केदार जोशी के केएमवीएम के अध्यक्ष बनने के बाद एक पद वहां भी खाली हुआ है। वहीं प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश के समाज कल्याण अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष बनने से उनकी जगह मोर्चे पर नई ताजपोशी करनी होगी।
जल्द भरने होंगे महामंत्री पद
प्रदेश महामंत्री (संगठन) संजय कुमार के हटने और महामंत्री नरेश बंसल और गजराज बिष्ट के सरकार में शामिल होने से संगठनात्मक गतिविधियों प्रभावित होंगी। चुनावी वर्ष होने के चलते सरकार जल्द इन पदों पर तैनाती करेगी। हालांकि महामंत्री संगठन का पद केंद्रीय महामंत्री (संगठन) के स्तर से तय होता है, लेकिन अन्य दो पदों के लिए लाबिंग तेज होगी। ऐसी चर्चा है कि नरेश बंसल की जगह देहरादून मेयर पद की टिकट से बाहर हुए अनिल गोयल को मौका मिल सकता है। हालांकि इस टिकट के लिए दो अन्य दावेदार उमेश अग्रवाल और पुनीत मित्तल भी थे, जिन्हें सरकार में दायित्व मिल सकता है।
अगली सूची का बेसब्री से इंतजार
लोकसभा चुनाव नजदीक होने कार्यकर्ता उम्मीद लगाए हैं कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत दायित्वों की अगली सूची जल्द जारी करेंगे। पहली सूची में नाम नहीं आने से कार्यकर्ताओं में कसमसाहट दिखने लगी है। रविवार को पार्टी कार्यालय में आवंटित दायित्वों को लेकर खूब चर्चा रही। वहीं, ताजपोशी के बाद केएमवीएन के अध्यक्ष केदार जोशी भी कार्यालय पहुंचे।
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सरकार ने दायित्वों के लिए बेहद संतुलित नाम चयनित किए हैं। संगठन से वार्ता के बाद मुख्यमंत्री ने सूची जारी की है। एक व्यक्ति एक पद का फार्मूला भाजपा में प्रभावी है। सरकार में दायित्व पाने वाले संगठन पदाधिकारियों की जगह नए कार्यकर्ताओं को पार्टी में मौका दिया जाना है। दायित्वों में सरकार की कोशिश रही है कि किसी वर्ग और समुदाय की अनदेखी न हो। सिख समुदाय की अनदेखी की बात गलत है। सरकार से सिख समुदाय को भविष्य में घोषित होने वाले दायित्वों समुचित स्थान देने की बात कही जाएगी।
अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा