ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड के हर घर में 2022 तक पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध हो जाएगा। यह दावा किया है पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने। पंत बलबीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उनसे जब प्रदेश में गंभीर पेयजल संकट से जुड़ा प्रश्न पूछा गया तो उन्होंने इससे इंकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि गर्मियों में पानी का संकट होता है। लेकिन विभाग इसका पूर्वानुमान करता है और उसी हिसाब से कार्ययोजना तैयार करता है। प्रदेश में 39967 बस्तियों में से 660 बस्तियों में पेयजल संकट है। 17100 बस्तियाें में 40 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। इन बस्तियों को प्रथम चरण में चयनित किया गया है। इनमें राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत पीने का स्वच्छ पानी पहुंचाने की योजनाओं पर चरणबद्ध ढंग से काम हो रहा है। इसके अलावा प्रदेश में पानी के 15 हजार सोर्स चिन्हित किए गए हैं, जिनके संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य चल रहा है।
91 में 21 नगरों में ही पूरा पानी
प्रदेश में 91 नगरों में से 21 में ही निर्धारित मानकों के अनुरूप पीने के लिए स्वच्छ पानी की उपलब्धता है। पेयजल मंत्री प्रकाश पंत के मुताबिक, 135 लीटर प्रति व्यक्ति की दर से पानी उपलब्ध कराने के लिए विश्व बैंक, एडीबी और वाह्य सहायतित योजना की मदद से 2022 तक हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।
सरकार ने सारे लाभ दिए, विरोध का औचित्य नहीं
कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के भत्तों के संबंध में पूछे गए प्रश्न के जवाब में वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को सातवें वेतन से जुड़े सभी लाभ दिए हैं, इसलिए विरोध का कोई औचित्य नहीं है।