ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने कहा कि प्रदेश में नशे पर रोक लगाना सबसे बड़ी चुनौती हैं। भावी पीढ़ी को नशे की लत से बचाना हर किसी की नैतिक जिम्मेदारी है। पुलिस का काम कानून का पालन कराना है, लेकिन साथ ही पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है।
डीजीपी रतूड़ी पुलिस लाइन में नशे की प्रवृत्ति पर रोकथाम और जन-जागरूकता कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्हाेंने कहा कि यह कार्यशाला मात्र एक शुरुआत है, क्याेंकि नशे पर रोक लगाना एक दिन का काम नहीं है। इसके लिए हर परिवार और शिक्षण संस्थाओं को अपनी जिम्मेदारी का अहसास करना होगा। हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है कि समाज को ड्रग्स मुक्त बनाने का काम करें। अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि थाना और चौकी स्तर पर एंटी ड्रग्स सेल गठित किए जाएंगे। उन्होंने कोटपा एक्ट का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए।
डीआईजी पुष्पक ज्योति ने कहा कि नशे की वजह से देहरादून अपनी पहचान खो रहा है। यदि किसी के पास ड्रग्स लेने वाले और बेचने वालों की कोई जानकारी है तो तत्काल बताएं। उन्हाेंने कहा कि अभिभावकाें को भी अपने बच्चों को नजर रखनी चाहिए। बच्चाें के व्यवहार में बदलाव नजर आए सतर्क होने की जरूरत है। डॉ. नीतीश कांबोज ने तंबाकू और धूम्रपान करने से होने वाले मुंह के कैंसर के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. रविपाल ने ड्रग्स के बारे में बताया। सिविल डिफेंस के चेयरमैन सतीश अग्रवाल ने नशे के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम संस्था के बारे में बताया। शांति कुंज से जुडे़ लोगों ने बताया कि योग के माध्यम से कैसे ड्रग्स पीड़ित पुन: नया जीवन पा सकता है। इस दौरान संभव मंच परिवार द्वारा नशे पर आयोजित नुक्कड़ नाटक सराहा गया। एसएसपी निवेदिता कुकरेती, एसपी सिटी प्रदीप राय, एसपी ट्रैफिक लोकेश्वर सिंह, दून अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोष विशेषज्ञ डॉ. एनएस खत्री, एसए भंडारी, खिलानंद चिलकोटी और मनीषा नेगी आदि इस दौरान मौजूद रहे। संचालक सहायक पुलिस अधीक्षक निहारिका भट्ट ने किया।