श्रीनगर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड में अब बीटेक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से दो अतिरिक्त विषय पढ़ने होंगे। ये दो विषय हैं- इनोवेशन एंड डिजाइन और कम्युनिकेशन स्किल। बीटेक की डिग्री हासिल करने से पूर्व छात्रों को दोनों विषय पास करने होंगे। ऐसा करने के पीछे संस्थान का उद्देश्य है कि जब छात्र यहां से निकलें तो उन्हें स्टार्ट अप करने में कोई दिक्कत न हो।
प्रधानमंत्री मोदी की स्टार्ट अप योजना को सफल बनाने के उद्देश्य से श्रीनगर (गढ़वाल) स्थित एनआईटी ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। बीटेक में शिक्षण सत्र 2017-18 से उक्त दोनों विषय रूटीन विषयों के अलावा पढ़ने होंगे। छात्रों को इन्हें उत्तीर्ण करना जरूरी होगा। इन विषयों में पास हुए बगैर उन्हें बीटेक की डिग्री नहीं मिलेगी। इन विषयों के नंबर मार्कशीट में भी नहीं जुड़ेंगे।
कोट
दोनों विषयों से छात्रों का कौशल विकास किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों, स्टार्ट अप से अपने क्षेत्र में नाम कमाने वाले और अपने दम पर बड़ी हस्ती बन चुके लोगों को आमंत्रित किया जाएगा, जो छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। एक्सपर्ट का मार्गदर्शन उनको इन विषयों के अध्ययन में मदद करेगा। इसके अलावा छात्रों को इस संबंध में प्रोजेक्ट भी दिए जाएंगे।-डॉ. एके आदित्य, विभागाध्यक्ष, सिविल इंजीनियरिंग, एनआईटी
क्यों जरूरी है इन विषयों का अध्ययन
अक्सर इंटरमीडिएट पास करने के बाद छात्र बीटेक में एडमिशन ले तो लेते हैं, लेकिन उन्हें इंजीनियरिंग फील्ड के बारे में खास जानकारी नहीं होती है। उनके पास आइडिया तो बहुत होते हैं, लेकिन वह उनको क्रियान्वित नहीं कर पाते हैं। इसी प्रकार कई बार सब कुछ जानने के बावजूद छात्र अपनी बातों को प्रभावी ढंग से नहीं रख पाते है जिसके चलते वे पिछड़ जाते हैं, ऐसे में इनोवेशन एंड डिजाइन और कम्युनिकेशन स्किल ये दो विषय उनकी मदद करेगा।