श्रीनगर। राजकीय बेस अस्पताल श्रीकोट और राजकीय संयुक्त अस्पताल श्रीनगर में आग से निपटने वाले उपकरण ठीक ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। आग बुझाने वाले सिलेंडर (फायर एक्सटिंग्यूशर) भी रिफिल नहीं किए जा रहे हैं। यदि दुर्भाग्यवश आग से कोई दुघर्टना होती है, तो अस्पतालों के पास इससे बचने के समुचित उपाय नहीं है और ना ही इनको चलाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी। शासन के निर्देश पर अग्निशमन विभाग अस्पतालों का निरीक्षण कर रहा है, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात है।
लगभग एक माह पूर्व जिला अग्निशमन विभाग पौड़ी की टीम ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, बेस अस्पताल और संयुक्त अस्पताल का निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी (अग्नि सुरक्षा) उपायों में काफी खामियां पाई थी। बुधवार को एक बार फिर टीम ने इन अस्पतालों का निरीक्षण किया। तो टीम को स्थिति जस की तस मिली। आलम यह है कि बेस अस्पताल में अग्नि सुरक्षा उपकरण लगे हैं, लेकिन इनके संचालन, रख रखाव और मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते कई जगहों पर फायर अलार्म टूटे हैं। जिला अग्निशमन सुरक्षा अधिकारी प्रेम सिंह सती ने बताया कि अस्पतालों का निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। अस्पतालों में फायर अफसर का होना भी जरूरी है।
अग्निशमन विभाग ने हमें कोई निरीक्षण आख्या नहीं दी। फायर सेफ्टी उपकरण यूपी राजकीय निर्माण निगम से हेंडओवर नहीं हुए हैं। डा. एससी जैन, चिकित्सा अधीक्षक बेस अस्पताल श्रीकोट गंगानाली