कालागढ़/कोटद्वार। यूजेवीएनएल के प्रयासों से रामगंगा बांध परियोजना की टी वन सुरंग में छह वर्ष से खराब पड़े सिलिंडरिकल गेट का संचालन शुरू हो गया है। उपमहाप्रबंधक एके सिंह के अनुसार इस गेट के काम करने से पावर हाउस और बांध पूरी तरह से सुरक्षित हो गया है। रामगंगा बांध से पावर हाउस को बिजली बनाने के लिए टी वन सुरंग से पानी दिया जाता है। इस सुरंग में सिलिंडरिकल गेट लगा है। यह गेट 15 जून की रात को 12 बजे बंद कर दिया गया है। जून से दीपावली तक बिजली उत्पादन बंद रहता है। इस दौरान पावर हाउस की मशीनें दुरुस्त की जाती हैं। यूजेवीएनएल के उपमहाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि गेट सही हो गया है। इस गेट के खराब होने से पावर हाउस के डूबने और बांध को भी खतरा पैदा हो गया था। एयरबैंड ट्यूब फट गई थी, जिसके लिए यूजेवीएनएल ने क्लोजर कराया है। क्लोजर के दौरान टी-टू सुरंग में पानी के आने का खतरा बन गया था, जिसके लिए बटरफ्लाई वाल्व को ठीक कर बंद कर दिया गया है। यदि यह वाल्व खुला होता तो टी-टू मेें पानी आने पर जानमाल का नुकसान हो सकता था। यूजेवीएनएल के इंजीनियरों की टीम में उनके साथ इंजीनियर मनोज कुमार कश्यप, अतुल के शर्मा आदि शामिल थे। पावर हाउस में क्लोजर कार्य के साथ ही अनुरक्षण काम शुरू हो गया है।