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दाखिला न देने पर स्कूल के खिलाफ तहरीर

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अमर उजाला ब्यूरो
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हरिद्वार।
शिक्षा के अधिकार के तहत दाखिले से इनकार करना ज्वालापुर के एक निजी स्कूल को भारी पड़ सकता है। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए ज्वालापुर कोतवाली में तहरीर दी गई है। पुलिस फिलहाल जांच करने की बात कर रही है।


ज्वालापुर निवासी कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों का शिक्षा के अधिकार में दाखिला कराने के लिए बीआरसी बहादराबाद में आवेदन किया था। विभाग की ओर से गठित कमेटी में बच्चों को शिक्षा का अधिकार के तहत दाखिले का पात्र मानते हुए ज्वालापुर हाईवे पर स्थित निजी स्कूल को दाखिले के निर्देश दिए थे। स्कूल ने पहले तो बच्चों को पात्र मानने से ही इनकार किया। बाद में एक शासनादेश का हवाला देकर दाखिला देने से मना कर दिया। इस पर बीआरपी स्तर से खंड शिक्षा अधिकारी और फिर जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक को पूरे मामले से अवगत कराया गया। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक की तरफ से स्कूल को दाखिले के लिए एक हफ्ते का लिखित अल्टीमेटम जारी किया गया था। डाक से भेजे गए अल्टीमेटम की अवधि पूरी होने पर बुधवार को खुद जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सैनी, खंड शिक्षा अधिकारी अजय चौधरी और संकुल की टीम स्कूल के खिलाफ कार्रवाई के लिए ज्वालापुर कोतवाली पहुंची। विभाग ने कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह को पूरे मामले से अवगत कराते हुए लिखित तहरीर दी।
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जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सैनी का कहना है कि आरटीई के तहत किसी भी वर्ग के छात्र-छात्रा को दाखिला देने से कोई भी स्कूल मना नहीं कर सकता है। स्कूल ने दाखिले से इनकार कर आरटीई का उल्लंघन किया है। विभागीय कार्रवाई के साथ ही ज्वालापुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। वहीं कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह का कहना है कि शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूल के खिलाफ तहरीर मिली है, पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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एनओसी रद्द करने की संस्तुति
शिक्षा विभाग स्कूल की एनओसी रद्द करने की तैयारी में भी जुट गया है। साथ ही सीबीएसई को भी स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए चिट्ठी भेजी जाएगी। डीईओ बेसिक ब्रह्मपाल सैनी ने बताया कि सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों को कुछ शर्तों के आधार पर ही एनओसी दी जाती है। यदि स्कूल शर्तों का उल्लंघन करता है तो एनओसी रद्द कर सीबीएसई को मान्यता रद्द करने की सिफारिश की जाती है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।
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