शादी करने के बाद विवाह पंजीकरण का प्रमाण पत्र पेश करने के बाद ही अब समाज कल्याण विभाग की शादी अनुदान योजना के तहत लाभ मिल सकेगा। सरकार ने शादी अनुदान योजना के मानकों में बदलाव कर दिया है। अब पात्र परिवारों को शादी का कार्ड दिखाकर योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसके लिए उन्हें अब ऑनलाइन आवेदन करना ही होगा।
सरकार की ओर से समाज कल्याण विभाग के माध्यम से अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों की पुत्री के लिए शादी अनुदान देती है, जिसमें 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। पहले इस योजना का लाभ लेने के लिए शादी से पूर्व कार्ड के साथ आवेदन करना होता था।
बजट जारी होने के बाद पात्र लोगों को इस योजना का लाभ दिया जाता है। काफी समय से शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ लोग शादियों के फर्जी कार्ड लगाकर इस योजना का लाभ ले रहे हैं। शिकायतों के चलते अब सरकार ने एक अप्रैल से इस योजना को नए नियम के साथ लागू करने का फैसला लिया है।
अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों की पुत्री के लिए शादी अनुदान योजना के कुछ मानकों में सरकार ने बदलाव किया है। मानकों में बदलाव से योजना में पारदर्शिता आएगी। एक अप्रैल से योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।साथ ही मैरिज सर्टिफिकेट लगाने के बाद ही योजना का लाभ दिया जाएगा।
- जीत सिंह रावत, अधिकारी, जिला समाज कल्याण