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देवभूमि में स्थापित हो राष्ट्रीय सुरक्षा विश्वविद्यालय, दून विवि में राष्ट्रीय सेमिनार

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देवभूमि में स्थापित हो ‘राष्ट्रीय सुरक्षा विश्वविद्यालय’
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड के भविष्य का निर्धारण करना है तो राज्य के सैन्य अधिकारियों, सैनिकों को केंद्र में रखना होगा। देश की रक्षा में उत्तराखंड के सैनिकों के महान योगदान को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को देवभूमि में जल्द ‘राष्ट्रीय सुरक्षा विश्वविद्यालय’ की स्थापना करनी चाहिए। उक्त बातें पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. तरुण विजय ने कही। डॉ. तरुण विजय दून विश्वविद्यालय में सेंटर फार पब्लिक पालिसी की ओर से आयोजित ‘उत्तराखंड-2040 सामाजिक और आर्थिक विकास के मानदंड’ विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
पूर्व सांसद डॉ. तरुण विजय ने सेना के पूर्व अधिकारियों व कर्मचारियों को सरकारी कार्यालयों में विशेष प्रोटोकॉल का दर्जा दिए जाने की वकालत करते हुए कहा कि जो प्रोटोकोल सांसदों, विधायकों को दिया जाता है, वही प्रोटोकोल सैनिक अधिकारियों को भी मिलना चाहिए। उत्तराखंड के प्रत्येक विद्यालयों में सैनिकों के बच्चों के लिए विशेष प्रवेश कोटा निर्धारित किए जाने की मांग करते हुए कहा कि राज्य गठन में उत्तराखंड की महिलाओं के योगदान को देखते हुए यहां ‘नंदा देवी महिला विश्वविद्यालय’ की भी स्थापना होनी चाहिए। जिसमें छात्राओं के लिए अंतरिक्ष विज्ञान समेत तमाम विषयों की पढ़ाई की सुविधा हो। इसके साथ ही उन्होंने ‘सीमांत क्षेत्र विकास आयोग’ के गठन का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने गैरसैण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस पर ठोस निर्णय लिए जाने की जरूरत है। गैरसैण को कुमाऊं, गढ़वाल से जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ा जाए जो देहरादून होते हुए दिल्ली पहुंचा जा सकता है। सेमिनार में लोेक नीति एवं प्रशासन पर आयोजित सत्र में प्रो. आशा चंदोला सकलानी ने कहा कि नीति निर्धारित करते समय विकास के आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाना चाहिए। जो योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अहम है। प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं सदैव सशक्त रही है। सेमिनार में पंजाबी विवि पटियाला के प्रो. गुरुशरण सिंह, डॉ. जीपी डंग, प्रो. वीके सिंह, डॉ. एमके पंत, डॉ. अरिंदम विश्वास, डॉ. रश्मि बजाज, डॉ. गीतांजलि शर्मा, डॉ. सीएस नौटियाल, डॉ. हर्ष डोभाल, प्रो. अजय सिंह, डॉ. विनय प्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. प्राची पाठक, डॉॅ. मधु बिष्ट, प्रो. आलोक सकलानी, डॉ. आशीष सिन्हा, डॉ. सुधांशु जोशी आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता प्रो. एचएस दास और संचालन प्रो. एचसी पुरोहित ने किया। डॉ. रीना सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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उत्तराखंड में खुले ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी सेंटर’
‘उत्तराखंड-2040 सामाजिक और आर्थिक विकास के मानदंड’ विषयक सेमिनार में संबोधित करते हुए इसरो के वैज्ञानिक डॉ. वाईएस राजन ने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के लिए जो भी योजनाएं बनाएं वे राज्य के पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए बनानी चाहिए। डॉ. राजन ने कहा कि उत्तराखंड में ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी सेंटर’ खोलने के साथ ही विज्ञान के शोध केंद्र खोलने की जरूरत है ताकि देशभर के युवा इन केंद्रों में अध्ययन कर राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दें।
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