ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
परिस्थितियां कितनी भी प्रतिकूल क्यों ना हों, लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। बाल वैज्ञानिक देश का भविष्य हैं और उनके ऊपर परिवार, समाज व देश की बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में शिक्षकों का दायित्व भी बढ़ जाता है।
ये बातें शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने सोमवार को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद द्वारा राष्ट्रीय नवप्रवर्तन संस्थान के सहयोग से श्री लक्ष्मण विद्यालय इंटरमीडिएट कॉलेज में आयोजित राज्य स्तरीय प्रोजेक्ट प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर कहीं। शिक्षा मंत्री ने बाल वैज्ञानिकों द्वारा बनाए गए वैज्ञानिक मॉडलों की जमकर सराहना की। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद के संयुक्त निदेशक प्रदीप रावत ने ‘इंस्पायर अवॉर्ड’ की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता पूरे देश में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित की जाती है। उत्तराखंड में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद को नोडल एजेंसी बनाया गया है। प्रतियोगिता में सबसे अधिक 78 बाल वैज्ञानिक टिहरी जिले से भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में पर्यावरणविद् पद्मश्री अनिल जोशी, अपर निदेशक एससीईआरटी अजय कुमार नौटियाल, संयुक्त निदेशक कंचन देवराड़ी, संयुक्त निदेशक राय सिंह रावत, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक यशवंत सिंह चौधरी, मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली, खंड शिक्षा अधिकारी स्वराज सिंह तोमर, पंकज शर्मा, बीपी सिंह, रामलखन गैरोला, अवनीश उनियाल, जसपाल सिंह नेगी, राम सिंह चौहान, पीके शर्मा, सुधीर कांति, दलजीत सिंह, राकेश डबराल, संजय मौर्या, जेपी भोपाल आदि उपस्थित रहे।