नई टिहरी। जिला एवं विशेष सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) कुमकुम रानी की अदालत ने नाबालिग बेटी से दुराचार के दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता को मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं।
कीर्तिनगर एसडीएम को चार सितंबर 2017 को दी गई तहरीर में पीड़ित नाबालिग ने बताया था कि उसका पिता तीन-चार साल से उसका यौन शोषण कर रहा है। तहरीर के आधार पर एसडीएम ने क्षेत्रीय पटवारी को रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए थे। क्षेत्रीय पटवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज किया था। एसडीएम ने बाल कल्याण समिति टिहरी के माध्यम से नाबालिग का मेडिकल कराया, जिसमें यौन शोषण की पुष्टि हुई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद यह केस राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित कर दिया गया। पुलिस ने विवेचना कर दोषी के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर न्यायालय में दाखिल किया।
विशेष लोक अभियोजक (पोक्सो) चंद्रवीर सिंह नेगी ने बताया कि मंगलवार को जिला एवं विशेष सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) के मामले में सुनवाई हुई। उन्होंने न्यायालय में 12 गवाह व अन्य साक्ष्य प्रस्तुत कर मामले को अत्यंत गंभीर बताया और अभियुक्त को कड़ी सजा देने की मांग की। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने नाबालिग बेटी से दुराचार के दोषी को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।