डाकघरों में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। मेरे गांव के पहले पोस्टमास्टर मेरे पिता थे, अब भाई पोस्टमास्टर हैं। ऐसे में डाक सेवाओं से उनका खास जुड़ाव रहा है। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डाकघर में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) के शुभारंभ के अवसर कर कहीं और भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि सरकार आईपीपीबी के जरिये उन लोगों के द्वार तक बैंकिंग सुविधाएं मुहैया करा रही है, जो अभी तक ऐसी सेवाओं से वंचित हैं। कहा कि उत्तराखंड में अर्थव्यवस्था मनी ऑर्डर पर निर्भर रही है। अब यह आईपीपीबी के जरिये से ग्रामीण अर्थ व्यवस्था और प्रवृति में बदलाव आएगा।
शनिवार को जीपीओ स्थित डाकघर में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) का शुभारंभ पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्र्यक्रम में मुख्य अतिथि त्रिवेंद्र सिंह रावत और विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री धन सिंह रावत रहे। वहीं वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आईपीपीबी का शुभारंभ किया। इसके बाद सीएम ने राजधानी में इसका शुभारंभ किया और अपना खाता भी खुलवाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पांच खाताधारक हरीश अग्रवाल, दीपशिखा, प्रशांत काला, शफत और कपिल गोयल को क्यूआर कार्ड सौंपे। उन्होंने कहा कि आईपीपीबी की व्यवस्था लागू होने से ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग सुविधा से वंचित लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
मुख्य पोस्टमास्टर जरनल विनय कुमार तिवारी ने डाक विभाग की सेवाओं की जानकारी देते हुए कहा कि आईपीपीबी के जरिये डाकघर बचत बैंक, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा, स्पीड पोस्ट आदि सेवाओं का लाभ मिलेगा। इसके के साथ राज्य के 12 जनपदों में मुख्य शाखाओं और उनसे जुड़े 60 एक्सेस प्वांइट्स का शुभारंभ किया गया। फिलहाल रुद्रप्रयाग जिले में यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। इसकी वजह संभवत: अभी वहां भारी बारिश के कारण व्यवस्थाएं सुचारु न होने के कारण मानी जा रही हैं।
शुभारंभ के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक गणेश जोशी, उमेश शर्मा काऊ, मुन्ना सिंह चौहान, खजानदास, भाजपा प्रदेश मंत्री सुनील उनियाल गामा, सहायक पोस्टमास्टर जनरल अनसूया प्रसाद चमोला, परिमंडल प्रमुख रूबी कुमारी आदि मौजूद रहे।
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भरोसेमंद बैंक होगा आईपीपीबी
आईपीपीबी को आम आदमी के लिए एक सुगम, किफायती और भरोसेमंद बैंक के रूप में स्थापित करने की कोशिश की जा रही है, ताकि केंद्र सरकार के वित्तीय समावेश उद्देश्यों को तेजी से पूरा करने में मदद मिल सके। देश के हर कोने में फैले डाक विभाग के तीन लाख से अधिक डाकियों और ग्रामीण डाक सेवकों के विशाल नेटवर्क का लाभ इसके जरिये मिलेगा। इसलिए आईपीपीबी लोगों तक बैंकों की पहुंच बढ़ाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाएगा।
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कई तरह की होगी सुविधाएं
आईपीपीबी बचत और चालू खातों, धन हस्तांतरण, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण बिल और उपयोगिता भुगतान और उद्यम एवं वाणिज्यिक भुगतान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इन सुविधाओं व इससे जुड़ी अन्य संबंधित सेवाओं को बैंक के अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए कई माध्यमों, काउंटर सेवाएं, माइक्रो एटीएम, मोबाइल बैंकिंग, एप एसएमएस और आईवीआर के जरिये उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं आईपीपीबी को 17 करोड़ पोस्टल सेविंग्स बैंक खातों को अपने साथ जोड़ने की अनुमति दी गई है। आईपीपीबी के काम शुरू करने के बाद ग्रामीण इलाकों में लोगों को डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की सुविधा मिलने लगेगी। वह किसी भी बैंक खाते में धन हस्तांतरित कर सकेंगे। यह काम वह मोबाइल एप अथवा डाकघर में जाकर कर सकेंगे।