अब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
थराली विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत में घाट और नंदप्रयाग क्षेत्र का अहम योगदान रहा। पूरी विधानसभा में देवाल के अलावा घाट और नंदप्रयाग भी ऐसे क्षेत्र रहे, जहां से भाजपा की मुन्नी देवी शाह बढ़त बनाने में कामयाब रहीं। जबकि थराली और नारायणबगड़ ब्लॉक से कांग्रेस के जीतराम ज्यादा वोट पाने में सफल रहे। घाट से भाजपा को मिले वोटों के लिए अंतिम समय में गुड्डू लाल से की गई दोस्ती भी इसका एक कारण माना जा रहा है।
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा घाट के गुड्डू लाल को अपने पाले में लाने में कामयाब रही थी। हालांकि गुड्डू लाल ने एक बार निर्दलीय लड़ने का एलान जरूर किया, लेकिन बाद में उन्होंने मुन्नी देवी शाह के पक्ष में प्रचार के लिए हामी भर दी। गुड्डू लाल का घाट और नंदप्रयाग क्षेत्र में अच्छा प्रभाव माना जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में वह 7000 से अधिक वोट पाने में कामयाब रहे थे। जिसमें से करीब 6000 वोट उन्हें नंदप्रयाग और घाट क्षेत्र से ही मिले थे। बृहस्पतिवार को हुई मतगणना के अनुसार भाजपा की मुन्नी देवी शाह को देवाल और नंदप्रयाग घाट से करीब साढ़े चार हजार वोटों की बढ़त मिली, लेकिन थराली और नारायणबगड़ क्षेत्र में वह करीब ढाई हजार वोटों से पिछड़ गई थीं। नंदप्रयाग और घाट से मिली इसी बढ़त का नतीजा था कि अंतिम परिणाम उनके पक्ष में आया।
अजय भट्ट ने बदली हवा
थराली विधानसभा में प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद से ही मुन्नी देवी और जीतराम के बीच बराबरी का मुकाबला चल रहा था। चुनाव प्रचार ते दौरान दोनों प्रत्याशियों के बीच मुकाबला रोचक हो चला था, लेकिन अंतिम समय में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने अपनी रणनीति से समीकरण बदल दिए। कहा जा रहा कि बूथवार तैयार की गई उनकी रणनीति की वजह से ही भाजपा को जीत मिली।