ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शिक्षा विभाग में शारीरिक रूप से अस्वस्थ शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति न दिए जाने पर शिक्षा मंत्री ने कड़ी नाराजगी जतायी है। इस पर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से ब्यौरा तलब किया है।
अपर निदेशक बीएस रावत की ओर से जारी किए गए आदेश में वित्त विभाग की नियमावली का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि शारीरिक एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ कर्मचारियों के लिए अनिवार्य सेवानिवृत्त का प्रावधान है। इसके लिए विभागीय स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी के गठन जांच पड़ताल के बाद कर्मचारी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में वित्त विभाग की नियमावली का हवाला देते हुए कहा गया है कि 50 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाले लोक सेवक को नियुक्ति अधिकारी द्वारा बिना कोई कारण बताए तीन माह का नोटिस या फिर तीन माह का वेतन देकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए। हालांकि अनिवार्य सेवानिवृत्त के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर तमाम पहलुओं की विस्तृत जांच भी कराई जाए। आदेश में अनिवार्य सेवानिवृत्ति के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा जानकारी नहीं दिए जाने पर शिक्षा मंत्री ने कड़ी नाराजगी जतायी है। ऐसे में जिला शिक्षा अधिकारियों से अब तक अनिवार्य सेवानिवृत्ति के तहत की गई कार्रवाई तत्काल मुहैया कराने के आदेश दिए गए हैं।