ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड में पीसीएस के पद घटने से अभ्यर्थियों में रोष है। उनका कहना है कि राज्य स्थापना के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब पदों की संख्या घटाई गई है। इससे पहले अभी तक भर्ती प्रक्रिया के दौरान अगर जरूरी हुआ है तो पदों की संख्या में इजाफा ही किया गया है।
हाल ही में सरकार ने दो विभागों में पीसीएस के पदों की संख्या 138 से घटाकर 64 कर दी है। इसमें सहायक आयुक्त के 32 पदों को घटाकर चार कर दिया गया है जबकि वाणिज्य कर अधिकारी के 51 पदों को घटाकर पांच पद कर दिया गया है। पदों की यह संख्या उस वक्त घटाई गई है जबकि पीसीएस मेन परीक्षा का रिजल्ट जारी होना है। अभ्यर्थियों में इसे लेकर रोष है। उनका कहना है कि इससे उनके लिए सफलता की राह मुश्किल हो गई है। पदों की संख्या घटने की वजह से निश्चित तौर पर मेरिट बढ़ जाएगी। जो अभ्यर्थी मेन परीक्षा अच्छी होने से खुश थे, अब उनकी धड़कन बढ़ गई है। परीक्षा विशेषज्ञ आरए खान का कहना है कि राज्य स्थापना के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जबकि परीक्षा के बीच में पद घटा दिए गए हैं। अभी तक पद बढ़ाए जाते थे। अमर उजाला में 25 अप्रैल को पृष्ठ संख्या नौ पर प्रकाशित पद घटाने की खबर में त्रुटिवश पीसीएस के बजाए ‘लोअर पीसीएस’ प्रकाशित हो गया था। इस गलती के लिए हमें खेद है।