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मान्यता से पहले क्रिकेट एसोसिएशनों में छिड़ा संग्राम

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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बीसीसीआई की मान्यता मिलने से पहले प्रदेश की क्रिकेट एसोसिएशनों में फिर संग्राम छिड़ गया है। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) और यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन (यूसीए) के पदाधिकारियों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए अलग-अलग राह पर चलने का एलान कर दिया है। दूसरी ओर, उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन ने भी यूसीए पर आरोप लगाते हुए जल्द बीसीसीआई से मान्यता मिलने का दावा किया है।
प्रदेश में पिछले 17 वर्षों से बीसीसीआई की मान्यता का मुद्दा लटका हुआ है। मान्यता नहीं होने के चलते प्रदेश के खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों से खेलना पड़ रहा है। इसके पीछे प्रदेश की चार क्रिकेट एसोसिएशनों के विवाद को मुख्य कारण माना जाता रहा है। पिछले कुछ समय में मान्यता को लेकर राज्य सरकार और बीसीसीआई की ओर से प्रयास किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले में बीसीसीआई को निर्देशित किया, जिसके बाद राज्य को मान्यता की उम्मीद जगने लगी, लेकिन अब खिलाड़ियों से तीन-तीन सौ रुपये लिए जाने को लेकर एक हो चुकी सीएयू और यूसीए के बीच फिर विवाद हो गया है। दोनों ने इस मामले में एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इससे राज्य की मान्यता और एसोसिएशनों की एकजुटता पर फिर सवाल उठने लगे हैं।
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तीसरे साल हम खिलाड़ियों को पंजीकृत कर यूपीसीए को भेज रहे हैं। इसमें पूरे उत्तराखंड के खिलाड़ी शामिल होते हैं। अलग-अलग वर्गों और प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों के फॉर्म भरे जाते हैं। जोन की टीम के लिए ट्रायल होता है। दिव्य नौटियाल खुद फर्जी हैं, मैं इस बात को प्रमाणित कर सकता हूं। हम खुद ऐसे लोगों के साथ नहीं रहना चाहते। सीएयू के कामकाज पर कोई भी अंगुली नहीं उठा सकता।
-पीसी वर्मा, सचिव, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड
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यूपीसीए ने उत्तराखंड को 12वें जोन के रूप में मान्यता दी है। फिर सीएयू कैसे प्रदेशभर के खिलाड़ियों से पैसे वसूल सकती है। खिलाड़ियों को खेलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। उल्टा जो खिलाड़ी खेल रहे हैं, उन्हें भी डराया और धमकाया जा रहा है। इन स्थितियों में हम बिल्कुल सीएयू का साथ नहीं देंगे। 17 वर्षों से इन्हीं कारणों से राज्य को मान्यता नहीं मिली। सीएयू राज्य में क्रिकेट का भला नहीं चाहती।
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-दिव्य नौटियाल, यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनाई गई बीसीसीआई की समिति ने अपनी रिपोर्ट में उत्तराखंड में मान्यता के लिए उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन को वार्ता में शामिल करने को कहा है। हम मान्यता को लेकर बेहद आशान्वित हैं। बीसीसीआई के सामने अपना पक्ष रखने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। फिर हम खिलाड़ियों को भ्रमित करने और भविष्य खराब करने की धमकी देकर खेलने से रोकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
-चंद्रकांत आर्य, सचिव, उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन
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