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किसानों को राहत, मध्यम वर्ग में निराशा

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किसानों को राहत, मध्यम वर्ग में निराशा
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-- अर्थशास्त्रियों ने 2019 में लोक सभा चुनावों के मद्देनजर बताया लोकलुभावना बजट
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार द्वारा संसद में आम बजट पेश किया गया। बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विशेषज्ञों ने इसे निम्न व किसान वर्ग के लिए उत्तम बताया। उनका मानना है कि मध्यम वर्ग के लिए यह घाटे का सौदा है। साथ ही विशेषज्ञों ने आसन्न लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इसे लोक लुभावना बजट भी बताया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बृहस्पतिवार को संसद में आम बजट पेश किया। बजट में दिए गए प्रावधानों से विभिन्न वर्गों को होने वाले नफा नुकसान पर ‘अमर उजाला’ ने विशेषज्ञों से विस्तृत चर्चा की, जिसमें विषय विशेषज्ञों ने आम बजट को गरीब वर्ग, किसानों की आय बढ़ाने वाला और भविष्य में देश के विकास में अहम भूमिका निभाने वाला बजट बताया।
पीजी ऑटोनामस कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. एमपी नगवाल ने अंतरिम बजट को लोगों की आमदनी बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने बताया कि बजट में डीजल, पेट्रोल के बोझ को कम करने के लिए भविष्य में बिजली से चलने वाले वाहनों पर फोकस किया गया है। इससे ईंधन की खपत कम होने के साथ ही वायु प्रदूषण पर नियंत्रण की उम्मीद भी जताई। डा. नगवाल ने बताया कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर भी फोकस किया गया। हालांकि आयकर में छूट नहीं मिलने के कारण यह बजट मध्यम वर्ग के लिए कोई खास अच्छा नहीं रहा, लेकिन आने वाले दिनों में बजट के फायदे जरूर मिलेंगे।
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वहीं, अर्थशास्त्री डा. आदित्य गौतम ने मोदी सरकार के अंतरिम बजट को-2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर लोक लुभावना बताया। कहा कि बजट में कॉरपोरेट घरानों को सुविधाएं दी गई हैं। साथ ही उन्होंने आयकर में मध्यम वर्ग को टैक्स में छूट नहीं देने पर मध्यम वर्ग के लाभ के मद्देनजर बजट को अच्छा नहीं बताया। हालांकि, उन्होंने निम्न वर्ग, किसानों व महिलाओं के लिए बजट को बेहतर बताया।
आम बजट पर लोगों ने दी मिली जुली राय
मोदी सरकार के आम बजट में महिलाओं का खयाल रखा गया है। वित्त मंत्री ने बजट में महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया है।
- ज्योति शर्मा, गृहणी ऋषिकेश
आगामी आम चुनाव को देखते हुए आम बजट में कॉरपोरेट घरानों को प्राथमिकता दी गई है। वहीं, बजट में आम लोगों को खुश करने के लिए सपनों का पिटारा जरूर खोला गया है। बजट में किए गए वायदों को अगर सरकार पूरा करती है तो बजट को अच्छा कहा जा सकता है। मगर इसकी उम्मीद कम ही है।
- क्रांति विक्रम सिंह भंडारी, टैक्स वकील ऋषिकेश।
बजट में व्यापारी वर्ग का खयाल रखा गया है। बजट में हर वर्ग की आय बढ़ाने की कोशिश की गई है। निश्चित रूप से आने वाले दिनों में बजट के अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
- अक्षत गोयल, व्यापारी ऋषिकेश
हर वर्ग को ध्यान में रखकर आम बजट को तैयार किया गया है। 10 करोड़ गरीब परिवारों को अस्पतालों में इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक के बीमे से निम्न वर्ग भी उचित चिकित्सा सुविधा पा सकेगा। साथ ही बजट में नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने से लोगों को आने वाले दिनों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
- डा. राजे नेगी, नेत्र चिकित्सक ऋषिकेश
प्राइमरी से 12वीं तक की शिक्षा के लिए एक नीति बनाने से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुधार हो पाएंगे। सरकार ने बजट में 70 लाख नौकरियां देने का वायदा किया है। जो बेेेरोजगार छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए अच्छा अवसर है।
- निधि राजभर, छात्रा ऋषिकेश

अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला। केंद्रीय बजट में खेती हर किसानों के लिए वित्त मंत्री द्वारा की गई कई घोषणाओं को लेकर स्थानीय किसान खासे उत्साहित रहे। हालांकि किसानों को वित्त मंत्री से इससे कई ज्यादा उम्मीदें थी। बजट में कृषि और किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य, कम लागत में अधिक फसलें उगाने पर जोर, किसानों को उनकी उपज का पर्याप्त दाम दिलाने पर फोकस करने से किसान उत्साहित दिखे हैं। दो हजार करोड़ की लागत का कृषि बाजार से लेकर फसल बीमा योजना को भी ध्यान में रखा गया है।
केंद्रीय बजट किसानों के लिए बेहद संतोषजनक रहा है। विशेषकर किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ाने के साथ उनको प्रभावी तरीके से लागू करने का प्रयास हुआ है। किसानों की आमदानी को दोगुनी करने और उत्पादन बढ़ाने की कोशिश में तेजी आने की संभावना है।
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- करन बोरा, डोईवाला।
वित्तमंत्री ने केंद्रीय बजट में किसानों के लिए कुछ ठोस कदम उठाना सराहनीय है। किसान कर्ज के लिए 11 लाख करोड़ का फंड बनाने की बात कही गई है। जरूरत है कि किसानों को खाद, बिजली, सिंचाई के पानी, खेती के उपकरणों पर अधिक सब्सिडी दी जाएं।
- रणजोध सिंह , झबरावाला।
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