ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
प्राथमिक शिक्षकों ने विद्यालयों की हर सूचना को ऑनलाइन करने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक ऑनलाइन पोर्टल पर सूचना उपलब्ध नहीं कराएंगे। उनका कहना है कि इस फरमान से शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। वहीं, छात्र संख्या बढ़ाने के लिए उन्होंने जाड़ों की छुट्टियों में विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है।
बुधवार को राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ दून शाखा की बैठक राजकीय प्राथमिक विद्यालय डांडा लखौंड में हुई। शिक्षकों ने कहा कि विद्यालय स्तर पर संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। लेकिन विभाग स्वच्छता, शाला, सिद्धि, छात्रवृत्ति, छात्रों की सूची समेत अन्य सूचनाएं ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराने के निर्देश दे रहा है, जिससे शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए भटकना पड़ रहा है। इससे स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
उन्होंने राउप्रावि में सहायक अध्यापक के पदों पर पदोन्नति का प्रस्ताव पारित किया। इसके तहत ब्लॉक अपने स्तर से वरिष्ठता सूची तैयार कर जिलों को भेजेंगे। विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों के पुन: ब्रिज कोर्स के लिए पंजीकरण का विरोध किया। साथ ही कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वीरेंद्र कृषाली, प्रमोद रावत, विनोद लखेड़ा, दिवाकर सजवाण, संदीप सोलंकी, रजनीश अग्रवाल, प्रवीन पाल, रूपक पुरी, राजेश थापा, नीलम बिष्ट, मृदुल, राकेश राणा, सुधीर तोमर, प्रभाकर देवरानी मौजूद थे।