बाकी 17 कंपनियों की परिसंपत्तियों की नीलामी भी जल्द ही शुरू हो जाएगी। खास बात यह है कि इनमें से ज्यादातर ऐसी कंपनियां हैं, जिनकी परिसंपत्तियां करोड़ों रुपये की थी, लेकिन वक्त के साथ इनका काम ठप होता चला गया।
कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं जो कि विवादों के चलते बंद हो गई हैं। रजिस्ट्रार एवं शासकीय समापन कार्यालय की ओर से ऐसी कंपनियों की लगातार पड़ताल की जा रही है।
कारपोरेट कार्य मंत्रालय के रजिस्ट्रार एवं शासकीय समापन कार्यालय के देहरादून स्थित कार्यालय में वर्तमान में 7866 कंपनियां पंजीकृत हैं। इनमें से केवल 5393 कंपनियां एक्टिव हैं जबकि 2473 कंपनियां निष्क्रिय हैं। अब विभाग की ओर से इन कंपनियों की पड़ताल तेज की गई है। जल्द ही इन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रदेश में लिक्विडेशन प्रक्रिया से गुजरने वाली 17 कंपनियां दिवालिया घोषित हो चुकी हैं। इन कंपनियों की परिसंपत्तियां नीलाम करने की प्रक्रिया की जा रही है ताकि देनदारों की देनदारी खत्म की जा सके।
- बीके केन, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज कम ऑफिशियल लिक्विडेटर