देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों ने एक बार फिर आंदोलन का एलान कर दिया है। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने एलान किया है कि अगर उनकी मांगों का निराकरण 15 मई तक नहीं किया गया तो यूनियन से जुड़े पदाधिकारी व कर्मचारी अगले दिन से सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि यदि अधिकारियों ने कर्मचारियों का उत्पीड़न किया तो आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में संगठन पदाधिकारियों ने मंडलीय प्रबंधक (संचालन) को ज्ञापन भी सौंप दिया है।
मंडलीय प्रबंधक को सौंपे गए ज्ञापन में यूनियन पदाधिकारियों ने दो माह से रुके वेतन का भुगतान किए जाने के साथ ही देहरादून आईएसबीटी व आसपास के शहरों ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की से संचालित डग्गामार वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने की मांग की गई है। पदाधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश, कोटद्वार डिपो से संचालित अनुबंधित वातानुकूलित व वॉल्वो बसों की हालत खराब है। इन बसों में आए दिन चोरी की घटनाएं हो रही है जिसका खामियाजा चालकों को भुगतना पड़ रहा है। मंडल में कार्यरत एसकेएस कंपनी द्वारा अनुबंध की शर्तों के विपरीत कार पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है जो निगम के हित में कतई नहीं है।
यूनियन पदाधिकारियों ने आईएसबीटी नई दिल्ली में पर्याप्त काउंटर खोले जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। पदाधिकारियों ने कहा कि संविदा और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों को रात के समय दिए जाने वाले भत्ते में भेदभाव किया जा रहा है जिस पर रोक लगायी जाए। तकनीकी व संचालन के कर्मचारियों को नियम विरुद्ध गलत ढंग से एसीपी का लाभ दिया है। इस कारण निगम को मंडल स्तर पर प्रतिमाह 15 से 20 लाख का नुकसान हो रहा है। इसे निरस्त कर कर्मचारियों से रिकवरी कराई जाए।