एंबुलेंस सेवा 108 के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। एंबुलेंस सेवा 108 संचालित करने वाली कंपनी जीवीके के कर्मचारियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री दरबार में गुहार लगाई है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को नई कंपनी कैंप में समायोजित किए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इस पर मंत्रणा के बाद निर्णय लेने की बात कही है।
एक मई से आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 108 का संचालन जीवीके से हटाकर कैंप कंपनी को दिया जाना है। ऐसे में जीवीके के करीब 777 कर्मचारी नोटिस पर काम कर रहे हैं। एक मई से उन्हें हटाया जाना है। नोटिस मिलने के बाद उन्होंने पिछले दिनों चेतावनी दी थी कि यदि 23 अप्रैल तक नई कंपनी में समायोजित करने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वे 24 अप्रैल को काम नहीं करेंगे। इस दिन एंबुलेंस के पहिये थमे रहेंगे। हालांकि कर्मचारियों के इस निर्णय पर जीवीके के प्रदेश प्रभारी मनीष टिंकू ने कर्मचारियों पर कार्रवाई करने को कहा था। इस बीच सोमवार को कर्मचारियों के नेता विपिन जमलोकी की अगुवाई में कर्मचारी मुख्यमंत्री से मिले। जमलोकी ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया है कि वे 11 वर्षों से सेवाएं देते आ रहे हैं। ऐसे में 30 अप्रैल से एकाएक सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी तो उनके परिवार पर आर्थिक संकट आ जाएगा। जमलोकी ने बताया कि मुख्यमंत्री से उन्हें आश्वासन मिला है कि वे विचार कर कोई निर्णय लेंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक वे 24 को काम नहीं करने की अपनी चेतावनी पर भी अडिग हैं।